AI समिट में बड़ा खुलासा! चीनी रोबोट-कोरियन ड्रोन को ‘अपना’ बताने पर Galgotias University बाहर, कांग्रेस का सरकार पर हमला

Galgotias University AI Summit controversy: वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई

Galgotias University AI Summit controversy: ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। चीनी रोबोटिक डॉग और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने के आरोपों के बाद आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी गई और बाद में स्टॉल को बंद कर बेरीकेडिंग कर दी गई।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

विवाद उस वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह एक रोबोटिक डॉग को ‘ओरियन’ नाम से पेश करते हुए उसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का इनोवेशन बता रही थीं।

टेक एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीन की कंपनी Unitree Robotics का मॉडल Unitree Go2 है, जिसकी कीमत लगभग 2–3 लाख रुपये है और जो बाजार में उपलब्ध है।

इसी तरह, जिस ड्रोन को कैंपस में तैयार बताया गया, उसे यूजर्स ने कोरियन कंपनी का रेडीमेड मॉडल बताया।

आयोजकों की सख्त कार्रवाई

AI समिट के आयोजकों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर तत्काल कार्रवाई की। पवेलियन की बिजली काटी गई और स्टॉल को बंद कर दिया गया।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब AI समिट को भारत की तकनीकी क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा था।

यूनिवर्सिटी की सफाई और माफी

विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी।

यूनिवर्सिटी ने कहा कि स्टॉल पर मौजूद प्रतिनिधि को उत्पाद के बारे में पूरी तकनीकी जानकारी नहीं थी और उत्साह में कुछ गलत जानकारी साझा कर दी गई।

यूनिवर्सिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने रोबोटिक डॉग को स्वयं निर्मित होने का दावा नहीं किया। बयान में कहा गया कि रोबोट को छात्रों के अध्ययन और रिसर्च के उद्देश्य से कैंपस में लाया गया था।

प्रोफेसर नेहा सिंह ने भी बयान जारी कर कहा कि जोश और जल्दबाजी में बात स्पष्ट रूप से नहीं रखी जा सकी, जिसकी जिम्मेदारी वे लेती हैं।

सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने यूनिवर्सिटी के स्पष्टीकरण पर ‘कम्युनिटी नोट’ जोड़ा। इसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी का यह दावा कि उसने कभी इसे अपना नहीं बताया, भ्रामक है।

कम्युनिटी नोट फीचर के जरिए यूजर्स संदर्भ और तथ्य जोड़कर पोस्ट की सटीकता पर सवाल उठा सकते हैं।

कांग्रेस का सरकार पर हमला

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि AI समिट में विदेशी उत्पादों को भारतीय इनोवेशन बताकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया गया।

नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने AI समिट को “डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल” बताया।

वहीं केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw का नाम लेते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने उचित निगरानी नहीं की।

नॉलेज बॉक्स: क्या है Unitree Go2?

Unitree Go2 एक AI-पावर्ड रोबोटिक डॉग है, जिसे यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी ने विकसित किया है।

  • 4D LiDAR तकनीक से लैस

  • सीढ़ियां चढ़ने और बाधाएं पहचानने में सक्षम

  • वॉयस कमांड सपोर्ट

  • रिसर्च और शिक्षा में उपयोग

यूनिट्री कंपनी प्रोफाइल

Unitree Robotics एक प्रमुख चीनी रोबोटिक्स कंपनी है, जो हाई-परफॉर्मेंस रोबोटिक डॉग और ह्यूमनॉइड रोबोट बनाती है।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी प्रोफाइल

Galgotias University की स्थापना 2011 में हुई थी। ग्रेटर नोएडा स्थित यह विश्वविद्यालय 200 से अधिक कोर्स संचालित करता है। इसके चांसलर सुनील गलगोटिया और CEO ध्रुव गलगोटिया हैं।

AI समिट में हुआ यह विवाद केवल एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया है। तकनीकी दावों की सत्यता, आयोजकों की निगरानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

अब देखना होगा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और तथ्यात्मक प्रस्तुति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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