6 महीने के निष्कासन के बाद फिर बड़ी वापसी! अकबाल बहादुर तिवारी तीसरी बार बने गोंडा भाजपा जिलाध्यक्ष

गोंडा जिले की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार गोंडा भाजपा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 26 फरवरी 2026 को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा की।

लगभग आठ महीने से अधिक समय से गोंडा भाजपा संगठन जिलाध्यक्ष विहीन था। ऐसे में तिवारी की नियुक्ति को संगठन के पुनर्गठन और आगामी पंचायत चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

तीसरी बार मिली कमान

अकबाल बहादुर तिवारी भाजपा के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। उन्हें पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक गोंडा भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक उन्होंने दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभाली। अब 2026 में तीसरी बार उन्हें यह अहम पद सौंपा गया है।

बेलसर विकासखंड के परसदा गांव निवासी तिवारी पूर्व में भाजपा से ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।

निकाय चुनाव में हुआ था निष्कासन

तिवारी का राजनीतिक सफर पूरी तरह विवादों से अछूता नहीं रहा। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे उम्मीदवार को समर्थन दिया।

इसी आधार पर पार्टी ने उन्हें छह माह के लिए निष्कासित कर दिया था। हालांकि चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया। अब उनकी जिलाध्यक्ष पद पर वापसी को राजनीतिक विश्लेषक “मजबूत वापसी” के रूप में देख रहे हैं।

आठ महीने से खाली था पद

गोंडा भाजपा में यह पद लंबे समय से खाली था। 11 जून को तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमर किशोर कश्यप को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था। उसके बाद से संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।

करीब आठ महीने 15 दिन बाद नए जिलाध्यक्ष की घोषणा होने से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के लिए यह फैसला अहम है।

पंचायत चुनाव पर नजर

अकबाल बहादुर तिवारी ने नियुक्ति के बाद कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के आभारी हैं और दी गई जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे। उन्होंने साफ संकेत दिया कि पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा, “अब पंचायत चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है। हम सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे और बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करेंगे।”

संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तिवारी की नियुक्ति से गोंडा भाजपा में संगठनात्मक गति आएगी। उनका अनुभव और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

पार्टी नेतृत्व का यह कदम यह भी दर्शाता है कि भाजपा आगामी चुनावों से पहले जिला स्तर पर मजबूत नेतृत्व स्थापित करना चाहती है। खासकर ऐसे समय में जब पंचायत चुनाव और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव निकट हैं।

अकबाल बहादुर तिवारी की तीसरी बार जिलाध्यक्ष पद पर वापसी गोंडा भाजपा के लिए नई शुरुआत मानी जा रही है। निष्कासन से वापसी तक का उनका सफर राजनीतिक दृढ़ता का उदाहरण है। अब देखना होगा कि आगामी पंचायत चुनाव में उनका नेतृत्व पार्टी को कितना लाभ पहुंचा पाता है। फिलहाल संगठन में नई ऊर्जा और सक्रियता की उम्मीद जताई जा रही है।

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