नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कहा कि इस साल का बजट किसी मजबूरी में लिया गया फैसला नहीं, बल्कि यह “हम तैयार हैं” वाला पल है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के विकसित भारत बनने के लक्ष्य को दर्शाता है और आत्मविश्वास, स्थिर नीतियों तथा मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।
न्यूज एजेंसी Press Trust of India (PTI) को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज बेहतर शर्तों पर अंतरराष्ट्रीय समझौते करने की स्थिति में है। उन्होंने खुलासा किया कि भारत 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत कर रहा है।
🌍 38 देशों से FTA पर बातचीत
पीएम मोदी ने कहा कि FTA का उद्देश्य टेक्सटाइल, लेदर और अन्य सेक्टर्स के MSMEs को नए बाजार उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत स्पष्टता से वैश्विक निवेशकों का भरोसा भारत पर बढ़ा है।
उन्होंने पूर्ववर्ती Indian National Congress के नेतृत्व वाली UPA सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में बातचीत शुरू तो होती थी, लेकिन अक्सर नतीजा नहीं निकलता था।
🛡️ डिफेंस मॉडर्नाइजेशन पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए डिफेंस सेक्टर का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने संकेत दिया कि रक्षा बजट में बढ़ोतरी देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है।

💼 प्राइवेट सेक्टर की बड़ी भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक बदलाव के अगले चरण में प्राइवेट सेक्टर की अहम भूमिका होगी। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे केवल मार्जिन पर ध्यान न दें, बल्कि R&D, सप्लाई चेन और क्वालिटी सुधार में निवेश बढ़ाएं।
उनके मुताबिक, विकसित भारत की अगली छलांग इनोवेशन, लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी बिल्डिंग और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस पर निर्भर करेगी।
📱 डिजिटल इंडिया और AI इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज डिजिटल पेमेंट में दुनिया का लीडर है। National Payments Corporation of India द्वारा संचालित UPI प्लेटफॉर्म ने लेन-देन की व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करेंगे। भारत कंप्यूटिंग पावर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाकर AI इकोसिस्टम की मजबूत नींव रख रहा है।
👩 महिलाओं की भागीदारी पर फोकस
मोदी ने कहा कि सरकार के हर फैसले में महिलाओं की भलाई सर्वोपरि है। उनका विश्वास है कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
💰 12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स
FY26-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपिटल एक्सपेंडिचर 2013 के स्तर से पांच गुना ज्यादा बताया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शॉर्ट-टर्म पॉपुलिज्म के बजाय प्रोडक्टिव खर्च को प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार आर्थिक सुधार, वैश्विक व्यापार समझौतों और डिजिटल नेतृत्व के जरिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अब नजर इस बात पर होगी कि 38 देशों के साथ चल रही FTA वार्ताएं कब अंतिम रूप लेती हैं और इनका भारतीय उद्योग, MSME और आम नागरिक पर क्या असर पड़ता है।