नई दिल्ली। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने रविवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi से 5 बड़े सवाल पूछते हुए आरोप लगाया कि इस समझौते के जरिए भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ मौजूदा हालात का सवाल नहीं, बल्कि देश की कृषि के भविष्य का मुद्दा है। उन्होंने पूछा कि क्या भारत अपनी कृषि व्यवस्था को किसी दूसरे देश के प्रभाव में दे रहा है?
📌 राहुल गांधी के 5 बड़े सवाल
राहुल गांधी ने ट्रेड डील के तहत संभावित आयात को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं:
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DDG (Dried Distillers Grains) आयात का क्या मतलब है?
क्या भारतीय पशुओं को GM अमेरिकी मक्का से बने चारे पर निर्भर किया जाएगा? क्या इससे डेयरी सेक्टर अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर हो जाएगा? -
GM सोया तेल आयात की अनुमति क्यों?
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के सोया किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा? क्या वे एक और कीमतों का झटका झेल पाएंगे? -
‘अतिरिक्त उत्पाद’ में क्या शामिल है?
क्या दाल और अन्य फसलों के आयात का रास्ता खोला जा रहा है? -
गैर-व्यापार बाधाएं हटाने का क्या मतलब?
क्या भारत पर GM फसलों, MSP और बोनस नीति में बदलाव का दबाव बनेगा? -
भविष्य में डील का दायरा कैसे सीमित रहेगा?
क्या हर साल नए-नए कृषि उत्पाद इस समझौते में शामिल किए जाएंगे?

पहले भी उठा चुके हैं कपास का मुद्दा
14 फरवरी को राहुल गांधी ने कहा था कि अगर अमेरिका से कपास आयात किया गया तो भारत के कपास किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि 18% बनाम 0% टैरिफ की सच्चाई छिपाई जा रही है।
🔥 अमित शाह का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने गांधीनगर में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल ट्रेड डील को लेकर झूठ फैला रहे हैं और किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
शाह ने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल किसी भी मंच पर बहस कर लें। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद मोदी सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे किसानों को नुकसान पहुंचे। सरकार हर समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा कर रही है।
⚖️ राजनीतिक टकराव क्यों बढ़ा?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष का आरोप है कि इससे घरेलू कृषि बाजार पर विदेशी दबाव बढ़ सकता है। वहीं केंद्र सरकार का दावा है कि यह समझौता निर्यात को बढ़ावा देगा और भारतीय किसानों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि GM फसल, MSP और डेयरी सेक्टर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसानों में भ्रम न फैले।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। एक तरफ Rahul Gandhi किसानों के हितों पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ Narendra Modi सरकार के मंत्री इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इन 5 सवालों का स्पष्ट जवाब देती है या यह मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक हथियार बनेगा।