जयपुर में ऑनलाइन गेमिंग सट्टा मॉड्यूल ध्वस्त: UAE-नेपाल कनेक्शन उजागर, 5 अरेस्ट; करोड़ों के साइबर फ्रॉड के डिजिटल सबूत बरामद

राजधानी में बड़ा साइबर एक्शन, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का खुलासा

राजस्थान: की राजधानी जयपुर में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग सट्टे के एक संगठित मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर बड़ा साइबर एक्शन लिया है। चित्रकूट थाना पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह का संपर्क संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और नेपाल में बैठे संचालकों से था।

पुलिस को करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं। विदेशी लिंक की गहन जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन की परतें खोली जा रही हैं।


डीसीपी (वेस्ट) का बयान: सर्विलांस और डिजिटल फॉरेंसिक से मिली सफलता

डीसीपी (वेस्ट) हनुमान प्रसाद ने बताया कि संगठित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पता साइबर सर्विलांस, डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच के बाद चला। टीम ने संदिग्ध खातों, ई-वॉलेट्स और संदिग्ध ट्रांजेक्शन पैटर्न की पड़ताल की।

जांच में पता चला कि आरोपी विदेशी संचालकों के निर्देश पर अलग-अलग खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालन और मनी सर्कुलेशन कर रहे थे। कुछ ट्रांजेक्शन रूटिंग ऐसे माध्यमों से की गई थी, जिनसे रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में शिफ्ट किया जा सके।


ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं:

  • अनूप पारीक (22), परबतसर, नागौर
  • अब्दुल करीम (25), बड़ी खाटू, नागौर
  • सिद्धार्थ पारीक (22), सुजानगढ़, चूरू
  • श्रवण कुमार (25), डेगाना, नागौर
  • सुनील कुमार (26), बड़ी खाटू, नागौर

पूछताछ में आरोपियों ने प्रारंभिक स्तर पर कुछ अहम खुलासे किए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क, संपर्कों और मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ रही है।


जब्ती: कैश से लेकर डिजिटल डिवाइस तक

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 83 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 आईपैड, 9 बैंक पासबुक, 12 एटीएम कार्ड और 3 क्रेडिट कार्ड जब्त किए।

डिजिटल डिवाइस से सट्टा प्लेटफॉर्म, संदिग्ध चैट, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और संभावित विदेशी संपर्कों से जुड़े डेटा मिलने की बात सामने आई है। साइबर विशेषज्ञ इन डिवाइस की क्लोनिंग और डेटा रिकवरी कर विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।


कैसे काम करता था मॉड्यूल?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर सट्टेबाजी कराता था। यूजर्स को आकर्षक रिटर्न और बोनस का लालच दिया जाता, फिर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाती।

रकम को कई लेयर्स में बांटकर आगे भेजा जाता, जिससे असली संचालकों तक पहुंचना मुश्किल हो। विदेशी संपर्कों के जरिए प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और फंड सेटलमेंट किया जाता था।

पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क बहु-राज्यीय हो सकता है और इसके तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं।


करोड़ों के साइबर फ्रॉड के संकेत

जांच में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड के डिजिटल संकेत मिले हैं। संदिग्ध ट्रांजेक्शन की संख्या और रकम का आकार बताता है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था।

पुलिस बैंकिंग चैनलों, पेमेंट गेटवे और ई-वॉलेट कंपनियों से जानकारी जुटा रही है। जरूरत पड़ने पर विदेशी एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा सकता है।


विदेशी लिंक की जांच तेज

UAE और नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एंगल पर जांच तेज कर दी है। संदिग्ध आईपी एड्रेस, वीओआईपी कॉल रिकॉर्ड और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या यह गिरोह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है।


आम लोगों के लिए चेतावनी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग या सट्टे के नाम पर मिलने वाले लालच से बचें। किसी भी अनजान लिंक, ऐप या संदिग्ध ऑफर पर भरोसा न करें।

संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें और बैंकिंग अलर्ट सक्रिय रखें।


आगे की कार्रवाई

आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और मनी ट्रेल का खुलासा हो सके। पुलिस अन्य राज्यों में भी संभावित छापेमारी की तैयारी कर रही है।

जांच में नए नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विदेशी लिंक के मद्देनजर केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय किया जा सकता है।

जयपुर ऑनलाइन गेमिंग सट्टा मॉड्यूल का भंडाफोड़ राजधानी में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है। UAE और नेपाल कनेक्शन के खुलासे ने मामले को अंतरराष्ट्रीय आयाम दे दिया है। 5 आरोपियों की गिरफ्तारी और डिजिटल सबूतों की बरामदगी से करोड़ों के साइबर फ्रॉड की परतें खुलने लगी हैं।

जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए सख्त संदेश है कि डिजिटल दुनिया में भी कानून की पकड़ मजबूत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *