24 घंटे में दूसरी बार धधका SMS अस्पताल! मां योजना काउंटर के पास लगी आग, इलेक्ट्रिकल पैनल जलकर खाक

राजधानी: जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में रविवार दोपहर फिर आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। 24 घंटे के भीतर दूसरी बार आग लगने की घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कहां और कैसे लगी आग?

रविवार दोपहर करीब 12 बजे मेडिकल इमरजेंसी के पास बने मां योजना काउंटर के समीप एक चैंबर में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि कमरे के अंदर लगे इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की।

गनीमत रही कि जिस जगह आग लगी, वहां उस समय कोई मरीज या स्टाफ मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।


स्टाफ ने दिखाई सतर्कता

जैसे ही इलेक्ट्रिकल पैनल से चिंगारियां और धुआं निकलना शुरू हुआ, स्टाफ ने तुरंत सिक्योरिटी गार्ड और प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही SMS की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और फायरफाइटिंग उपकरणों की मदद से आग पर काबू पा लिया।

समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा नुकसान टल गया, हालांकि इलेक्ट्रिकल पैनल पूरी तरह जल गया।


एक दिन पहले ओटी में भी लगी थी आग

इससे पहले शनिवार दोपहर करीब 3 बजे धनवंती ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर बने ऑपरेशन थिएटर में आग लग गई थी। उस समय प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील श्रीवास्तव एक बच्चे की सर्जरी कर रहे थे।

बताया गया कि सर्जरी के दौरान चल रही मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और आग भड़क गई। इस घटना में ऑपरेशन करा रहे बच्चे के झुलसने की भी सूचना सामने आई। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया और लापरवाही के आरोप लगाए।


जांच कमेटी गठित

ओटी में लगी आग के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. राशिम कटारिया ने जांच कमेटी का गठन किया है।

कमेटी में शामिल हैं:

  • डॉ. प्रभा ओम (जनरल सर्जरी HOD)
  • डॉ. आर.के. जैन (सीनियर प्लास्टिक सर्जन)
  • हॉस्पिटल के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

यह कमेटी पूरी घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।


पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा

SMS अस्पताल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। 5 अक्टूबर की रात ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई थी। उस हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई थी। उस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

लगातार हो रही आग की घटनाओं से अस्पताल की इलेक्ट्रिकल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


प्रशासन पर उठ रहे सवाल

24 घंटे के भीतर दो बार आग लगना महज संयोग है या सिस्टम की बड़ी लापरवाही?

  • क्या इलेक्ट्रिकल ऑडिट नियमित रूप से हो रहा है?
  • क्या फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है?
  • क्या पुराने वायरिंग सिस्टम की जांच की गई?

इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।

जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार आग लगना चिंताजनक है। भले ही इस बार कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हालिया घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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