नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। लगातार 4,399 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देकर मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यरत रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
इस खास उपलब्धि के अवसर पर राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और गठबंधन दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक का माहौल उत्साह और सम्मान से भरा रहा। नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उनके नेतृत्व की सराहना की।
NDA बैठक में मोदी का हुआ विशेष सम्मान
भारत मंडपम में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में सभी नेताओं ने खड़े होकर तालियां बजाईं। भाजपा और NDA नेताओं ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया।
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री का सम्मान किया, जबकि कई नेताओं ने मंच से उनके नेतृत्व को देश के लिए निर्णायक बताया।
शुभेंदु अधिकारी ने खिलाई झालमुड़ी
बैठक के बाद एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों के साथ सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने हाथों से बंगाल की लोकप्रिय डिश झालमुड़ी परोसकर खिलाई।
प्रधानमंत्री ने भी नेताओं के साथ बैठकर झालमुड़ी का स्वाद लिया। यह तस्वीरें और वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक अनौपचारिक पल नहीं था, बल्कि भाजपा और NDA के भीतर एकजुटता का प्रतीक भी माना जा रहा है।

कैसे टूटा नेहरू का रिकॉर्ड?
भारत की आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे। हालांकि 1952 में पहले आम चुनाव के बाद उनका निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल शुरू हुआ था।
13 मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 तक नेहरू लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे। अब नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में दोबारा और 2024 में लगातार तीसरी बार जनता का जनादेश प्राप्त कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
कैबिनेट ने भी दी बधाई
NDA बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस दौरान मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को बधाई दी।
बैठक में मौजूद मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और मोदी के नेतृत्व में देश की उपलब्धियों को सराहा।
केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, कूटनीतिक, डिजिटल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
चंद्रबाबू नायडू ने की नेतृत्व की सराहना
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बैठक में कहा कि दुनिया इस समय कई वैश्विक संकटों और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन भारत ने मजबूत नेतृत्व के दम पर स्थिरता बनाए रखी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की है।
पीएम मोदी ने देशवासियों का जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत 140 करोड़ भारतीयों का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद है।
उन्होंने कहा कि भारत की उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और अधिक गति से कार्य करेगी।
लगातार 4,399 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक ने इस अवसर को और खास बना दिया। नेताओं के सम्मान, तालियों की गूंज और शुभेंदु अधिकारी द्वारा खिलाई गई झालमुड़ी ने इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बना दिया।