गुजरात: में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में कुछ घंटों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं।
धमकी मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता, साइबर क्राइम यूनिट और खुफिया एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। एहतियात के तौर पर कई संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संबंधित भवनों की गहन तलाशी ली जा रही है।
ईमेल में दी गई थी धमाकों की चेतावनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात ईमेल आईडी से भेजे गए संदेश में दावा किया गया कि दोपहर 1:11 बजे से शाम 5:11 बजे के बीच विभिन्न स्थानों पर विस्फोट किए जाएंगे। ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और RSS कार्यालय का विशेष रूप से उल्लेख किया गया था।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह का जोखिम लेने से इनकार किया और तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए।
AMC मुख्यालय खाली कराया गया
धमकी मिलने के बाद दानापीठ स्थित अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यालय को एहतियातन खाली करा लिया गया। कर्मचारियों और अधिकारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की जांच शुरू की।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने भवन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक परिसर में आम लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
घटना के बाद गुजरात पुलिस, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और साइबर क्राइम यूनिट को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ईमेल भारत से भेजा गया है या किसी विदेशी सर्वर का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकी वास्तविक थी या किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाई गई अफवाह।
RSS कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ाई गई
धमकी में RSS कार्यालय का नाम आने के बाद वहां भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है और आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील स्थान को लेकर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं।
साइबर टीम कर रही डिजिटल जांच
साइबर विशेषज्ञ ईमेल के तकनीकी विवरण, आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में ईमेल भेजने वाले की पहचान डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए की जा सकती है। हालांकि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
देश के कई राज्यों में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों को पहले भी धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। अधिकांश मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी पाई गईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर मामले को गंभीरता से लेती हैं।
गुजरात में भी इस ताजा मामले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी की जा रही है।
आम लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी सलाह दी गई है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जांच एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं।