गुजरात में IPS अफसरों को बड़ी राहत! 6 प्रतीक्षारत अधिकारियों को मिली पोस्टिंग, मयूर पाटिल लॉ एंड ऑर्डर में तैनात

गुजरात: में लंबे समय से प्रतीक्षारत छह आईपीएस अधिकारियों को आखिरकार नई तैनाती मिल गई है। राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में इन अधिकारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस सूची में पांच अधिकारी 2011 बैच के हैं, जबकि एक अधिकारी 2014 बैच से हैं। इन नियुक्तियों को पुलिस महकमे में बड़े प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, आईपीएस तरुण दुग्गल को डीजीपी सीआईडी क्राइम एंड रेलवे में तैनात किया गया है। तरुण दुग्गल फिलहाल डीआईजी रैंक के अधिकारी हैं और अब उन्हें क्राइम और रेलवे से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग संवेदनशील मामलों की जांच और रेलवे सुरक्षा से जुड़ा होता है, इसलिए इसे अहम पोस्टिंग माना जा रहा है।

चैतन्य मांडलिक को पुलिस रिफॉर्म्स डिपार्टमेंट में पोस्ट किया गया है। यह विभाग पुलिस तंत्र में सुधार और नई नीतियों के क्रियान्वयन से जुड़ा होता है। वहीं राजन शुश्रा को टेक्निकल सर्विसेज में नियुक्त किया गया है, जहां आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों पर काम होता है।

महिला अधिकारियों में सुधा पांडे और सुजाता मजूमदार को पुलिस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग नए भर्ती जवानों और अधिकारियों के प्रशिक्षण का संचालन करता है। इन नियुक्तियों से प्रशिक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।

सबसे चर्चित नियुक्ति मयूर पाटिल की रही है। 2014 बैच के एसपी रैंक के अधिकारी मयूर पाटिल को डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर के तहत अटैच किया गया है। लॉ एंड ऑर्डर विभाग राज्य की कानून व्यवस्था संभालने वाला प्रमुख प्रकोष्ठ है। ऐसे में इस तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गुजरात के गृह विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के पास है। माना जा रहा है कि पुलिस महकमे में इन नियुक्तियों के जरिए प्रशासनिक कार्यप्रणाली को गति देने का प्रयास किया गया है।

इस बीच, प्रतीक्षारत सूची में अभी भी कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें डीजीपी रैंक के अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह का नाम भी प्रमुख है। वे इस वर्ष की शुरुआत में सीमा सुरक्षा बल (BSF) से लौटकर गुजरात आए थे, लेकिन पिछले दो महीनों से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। उनके संबंध में भी जल्द फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं, वर्तमान में डीजीपी डॉ. के एल एन राव जेल और सीआईडी क्राइम एंड रेलवे दोनों विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों को अलग-अलग अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मार्च महीने में पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। कई जिलों में भी एसपी और डीआईजी स्तर पर बदलाव की चर्चा है। सरकार पुलिस तंत्र को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कदम उठा रही है।

इन नियुक्तियों से प्रतीक्षारत अधिकारियों को राहत मिली है। लंबे समय से बिना कार्यभार के इंतजार कर रहे अफसर अब नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे प्रशासनिक गति बढ़ने और विभागीय कामकाज में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में समय-समय पर होने वाले ऐसे फेरबदल से कार्यप्रणाली में ताजगी आती है और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। गुजरात जैसे औद्योगिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार विशेष रूप से सजग रहती है।

गुजरात में छह प्रतीक्षारत आईपीएस अधिकारियों को मिली नई तैनाती प्रशासनिक सक्रियता का संकेत है। मयूर पाटिल की लॉ एंड ऑर्डर विभाग में नियुक्ति और तरुण दुग्गल की सीआईडी क्राइम में तैनाती जैसे फैसले आने वाले समय में पुलिस तंत्र को नई दिशा दे सकते हैं। मार्च में संभावित बड़े फेरबदल के बीच यह बदलाव पुलिस महकमे में नई हलचल की शुरुआत माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *