लव मैरिज से शुरू हुआ विवाद बना खूनी खेल! बेटे के ससुराल वालों ने समधी को 36 बार लोहे की रॉड से पीटा, CCTV में कैद हुई हत्या

गुजरात: के अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि बेटे के ससुराल वालों ने 52 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या की वजह प्रेम विवाह, गर्भपात और लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक तनाव था।

यह घटना अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके की है, जहां 2 मई की रात नटूभाई परमार नामक व्यक्ति पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। आरोपियों ने उन पर करीब 36 बार वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में तीन लोग एक व्यक्ति पर लगातार लोहे की रॉड से हमला करते नजर आए। शुरुआत में पुलिस को यह हमला किसी पुरानी रंजिश या गैंगवार का मामला लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सच्चाई कुछ और ही निकली।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच करते हुए पाया कि हत्या के पीछे मृतक के बेटे की लव मैरिज और उसके बाद पैदा हुआ पारिवारिक विवाद मुख्य वजह था।

बेटे की प्रेम शादी बनी विवाद की जड़

पुलिस के मुताबिक मृतक नटूभाई परमार के बेटे कौशिक परमार ने करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों परिवारों के बीच रिश्ते सामान्य थे, लेकिन बाद में हालात बिगड़ने लगे।

बताया गया कि कौशिक की पत्नी को गर्भपात कराना पड़ा था, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद रहने लगा। पिछले करीब छह महीनों से महिला अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ता गया।

कुछ दिन पहले नटूभाई और उनका बेटा अपनी बहू के मायके पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई। मामला वहीं शांत नहीं हुआ बल्कि अंदर ही अंदर दुश्मनी बढ़ती गई।

बदले की भावना में रची गई हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि 28 अप्रैल को हसमुख वाघेला अपने साथियों के साथ नटूभाई के घर पहुंचा था। वहां भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसके बाद हसमुख ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।

योजना के तहत 2 मई की रात नटूभाई को जीवराज पुल के नीचे निशाना बनाया गया। आरोपी पहले से वहां घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही नटूभाई वहां पहुंचे, उन पर अचानक हमला कर दिया गया।

हमलावरों ने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए। पुलिस के अनुसार नटूभाई पर करीब 36 बार हमला किया गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए हसमुख वाघेला, कांति वाना और भावेश परमार को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि केतन नाम का एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बनासकांठा भाग गए थे। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

इलाके में दहशत का माहौल

इस वारदात के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बेरहमी से की गई हत्या ने सभी को डरा दिया है।

पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि पारिवारिक विवाद और आपसी अहंकार किस तरह हिंसा का रूप ले सकते हैं। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते दोनों परिवारों के बीच सुलह हो जाती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

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