गुजरात: के Vadodara में विश्व विरासत दिवस के अवसर पर एक बड़ा ऐलान हुआ है, जिसने शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को नई दिशा देने की उम्मीद जगाई है। शहर के प्रसिद्ध Kamati Baug (जिसे सयाजी बाग भी कहा जाता है) में स्थित ‘व्हाइट हाउस’ को अब हेरिटेज सेल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अहम घोषणा के दौरान बड़ौदा राजपरिवार की महारानी Radhikaraje Gaekwad भी मौजूद रहीं, जिन्होंने शहर के समावेशी विकास और विरासत संरक्षण पर अपने विचार साझा किए।
‘विरासत भी, विकास भी’—राधिकाराजे का विजन
कार्यक्रम के दौरान राधिकाराजे गायकवाड़ ने कहा कि वडोदरा का विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें विरासत और आधुनिकता दोनों का संतुलन बना रहे। उन्होंने ‘विरासत भी, विकास भी’ की सोच पर जोर देते हुए कहा कि शहर का विकास तभी सार्थक होगा जब उसमें हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो।
उन्होंने यह भी कहा कि वडोदरा की पहचान सिर्फ एक आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

‘व्हाइट हाउस’ में बनेगा हेरिटेज सेल
वडोदरा नगर निगम के कमिश्नर Arun Mahesh Babu ने इस मौके पर बताया कि कमाटीबाग स्थित ‘व्हाइट हाउस’ भवन में एक विशेष हेरिटेज सेल स्थापित किया जाएगा। इस सेल का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक इमारतों, धरोहर स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रबंधन को बेहतर बनाना होगा।
उन्होंने बताया कि वडोदरा में गायकवाड़ काल और उससे पहले की कई महत्वपूर्ण हेरिटेज बिल्डिंग्स मौजूद हैं, जिनमें Laxmi Vilas Palace भी शामिल है। यह महल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण केंद्र है।
ग्रीन सिटी बनने की दिशा में वडोदरा
कमिश्नर ने यह भी जानकारी दी कि वडोदरा इस समय गुजरात के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक हरित आवरण (ग्रीन कवर) वाला शहर है। यहां करीब 17% ग्रीन कवर है, जिसे अगले 5-7 वर्षों में बढ़ाकर 21% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर में वर्तमान में 141 पार्क मौजूद हैं, जो इसे एक ‘ग्रीन और क्लीन सिटी’ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
UNESCO क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल होने की तैयारी
वडोदरा नगर निगम अब शहर को UNESCO Creative Cities Network में शामिल कराने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले नामांकन चक्र में वडोदरा को इस प्रतिष्ठित सूची में जगह मिल सकती है।
गौरतलब है कि Ahmedabad पहले से ही UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में शामिल है, जिससे गुजरात को वैश्विक पहचान मिली है।
हेरीटेज पॉलिसी भी जल्द होगी लागू
नगर निगम द्वारा शहर की धरोहरों को संरक्षित करने के लिए एक व्यापक हेरिटेज पॉलिसी भी तैयार की जा रही है। यह पॉलिसी गुजरात निकाय चुनावों के बाद लागू होने की संभावना है।
इस नीति के तहत ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण, पुनरुद्धार और उनके उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी शाम
कार्यक्रम के दौरान 350 से अधिक नागरिकों की उपस्थिति में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया। इसमें Lipsa Satpathy और उनकी टीम द्वारा ओडिसी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई, वहीं Chintan Upadhyay ने ध्रुपद गायन से माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
वडोदरा में ‘व्हाइट हाउस’ को हेरिटेज सेल में बदलने का फैसला शहर के सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह योजना सफल होती है, तो न सिर्फ शहर की पहचान मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।