“₹1200 करोड़ का काम मेरे पास!”—राजपाल यादव का बड़ा दावा, फिर भी चेक बाउंस केस में पहुंची बात जेल तक

बॉलीवुड: के लोकप्रिय कॉमिक अभिनेता Rajpal Yadav ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने करियर और कानूनी विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में उनके पास लगभग ₹1200 करोड़ के फिल्म, ब्रांडिंग और अन्य प्रोजेक्ट्स हैं। इसके बावजूद एक पुराने चेक बाउंस मामले ने उन्हें कानूनी परेशानियों और यहां तक कि जेल जैसी स्थिति में ला खड़ा किया।

“काम की कमी नहीं, फिर भी मुश्किलें”

राजपाल यादव ने कहा, “मेरे पास आने वाले 7 सालों में लगभग ₹1200 करोड़ का काम है। 10 फिल्मों के प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं। कुछ प्रोजेक्ट ₹200 करोड़ से लेकर ₹2000 करोड़ तक के हैं, जिनमें मेरी फीस, साझेदारी और ब्रांडिंग डील शामिल हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में उनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है और उन्होंने कई बार प्रोड्यूसर्स की मदद के लिए मुफ्त में भी काम किया है। बावजूद इसके, एक पुराना आर्थिक विवाद आज तक उनका पीछा कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मामला साल 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म Ata Pata Lapata को प्रोड्यूस करने के लिए एक कंपनी से लगभग ₹5 करोड़ उधार लिए थे। फिल्म में उन्होंने निर्देशन भी किया था, जो उनके लिए डेब्यू प्रोजेक्ट था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और आर्थिक नुकसान हुआ।

उधार की राशि पर ब्याज जोड़कर कुल देनदारी करीब ₹10.40 करोड़ हो गई। भुगतान में देरी होने पर राजपाल ने कई पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए, जो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने चेक बाउंस के तहत मामला दर्ज कराया और केस अदालत तक पहुंच गया।

प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी मनी पर विवाद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पहले समझौते के संकेत दिए थे और कहा था कि यदि प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी मनी दी जाती है तो मामला सुलझ सकता है। लेकिन जब दस्तावेज अदालत में पेश किए गए, तो शिकायतकर्ता ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

वकील के मुताबिक, शिकायतकर्ता का उद्देश्य रकम वसूलना नहीं, बल्कि राजपाल को जेल भेजना था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभिनेता की छवि धूमिल करने की कोशिश है।

“मेरी नीयत पर सवाल न उठाएं”

राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने कभी किसी का पैसा हड़पने की कोशिश नहीं की। उनका मकसद फिल्म इंडस्ट्री में नए और संघर्षशील कलाकारों को मौका देना था। उन्होंने बताया कि अपने गांव के विकास में भी उन्होंने योगदान दिया है और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।

एक्टर ने कहा, “मैं सभी बकाया राशि चुकाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मेरा उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। मैं अपने काम और ईमानदारी से पहचान बनाना चाहता हूं।”

इंडस्ट्री और फैंस का समर्थन

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों और फैंस ने सोशल मीडिया पर राजपाल यादव के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने कहा कि आर्थिक विवादों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि किसी की छवि को नुकसान पहुंचाकर।

आगे की राह

राजपाल यादव ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में उनके प्रोजेक्ट्स उन्हें आर्थिक रूप से स्थिर बनाएंगे और वे सभी देनदारियों का निपटारा कर देंगे। उन्होंने उन लोगों का आभार भी व्यक्त किया जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे।

₹1200 करोड़ के संभावित काम का दावा करने वाले राजपाल यादव आज भी एक पुराने चेक बाउंस केस के चलते कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। ‘अता पता लापता’ से शुरू हुआ यह विवाद उन्हें जेल तक ले गया। हालांकि, एक्टर का कहना है कि उनकी नीयत साफ है और वे सभी बकाया चुकाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब देखना होगा कि अदालत में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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