नई दिल्ली। बॉलीवुड के लोकप्रिय कॉमेडी अभिनेता Rajpal Yadav इन दिनों चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें जेल में किसी भी प्रकार की वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है और उनका रूटीन आम कैदियों जैसा ही है।
शुरुआती 24 घंटे शांत रहने के बाद अब राजपाल यादव साथी कैदियों के साथ घुलमिल गए हैं। बताया जा रहा है कि वे कैदियों के आग्रह पर अपनी फिल्मों के मशहूर कॉमेडी डायलॉग सुनाकर माहौल हल्का कर देते हैं।
जेल नंबर-2 में सामान्य दिनचर्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजपाल यादव तिहाड़ जेल के जेल नंबर-2 में रखे गए हैं।
उनकी दिनचर्या कुछ इस प्रकार है:
- सुबह 5-6 बजे उठना
- बैरक से बाहर निकलना और दैनिक कार्य
- सामान्य नाश्ता
- शाम 7 बजे डिनर
- रात करीब 10 बजे सोना
जेल नियमों के अनुसार, जो भोजन अन्य कैदियों को दिया जाता है, वही उन्हें भी मिलता है—दाल, सब्जी, रोटी और चावल।
सूत्रों का कहना है कि उन्हें किसी तरह की विशेष या अलग सुविधा नहीं दी गई है।

साथी कैदियों से खुलकर बातचीत
बताया जा रहा है कि जब अन्य कैदी उनसे जेल आने का कारण पूछते हैं, तो वे खुलकर जवाब देते हैं। उन्होंने अपनी बैरक के कैदियों से कहा कि अच्छे समय में लोग साथ रहते हैं, लेकिन मुश्किल समय में बहुत कम लोग साथ देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कोई बेईमानी नहीं की, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें जेल आना पड़ा।
जमानत याचिका खारिज
राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में Delhi High Court के आदेश के बाद जेल में सरेंडर किया था।
गुरुवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि आप जेल इसलिए गए क्योंकि आपने अपना वादा पूरा नहीं किया।
अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें अदालत के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अदालत ने पहले दिए गए निर्देशों के पालन न होने पर सख्त रुख अपनाया।
तिहाड़ जेल में राजपाल यादव की स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। न तो उन्हें किसी तरह की विशेष सुविधा दी गई है और न ही अलग व्यवहार।
हालांकि जेल के माहौल में भी वे अपनी पहचान यानी हास्य को नहीं भूले हैं और साथी कैदियों के बीच माहौल हल्का बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है—क्या उन्हें राहत मिलेगी या उन्हें कुछ और समय जेल में बिताना होगा?