देश: में शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अहमदाबाद मेट्रो विस्तार, अमरावती के विकास और भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन निर्णयों का उद्देश्य देश के इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करना और विकास परियोजनाओं को गति देना है।
प्रधानमंत्री मोदी के नाम दर्ज हुआ नया रिकॉर्ड
कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि को सम्मानित करने के लिए कैबिनेट बैठक में एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सरकार ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और निरंतर नेतृत्व का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
अमरावती को मिली बड़ी विकास सौगात
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास को लेकर भी केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
कैबिनेट ने यहां दो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय आवास (CGGPOA) और जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के लागू होने से सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। साथ ही अमरावती में प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से शहर के विकास की गति और तेज होगी तथा निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

अहमदाबाद मेट्रो फेज-2A को मिली मंजूरी
शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2A विस्तार को भी मंजूरी दी है।
इस परियोजना के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस नए रूट पर पांच आधुनिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इससे शहर के विभिन्न इलाकों के बीच संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को तेज एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी
मेट्रो विस्तार परियोजना का सबसे बड़ा फायदा अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा।
फेज-2A के पूरा होने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर कुल 77.63 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क सक्रिय हो जाएगा।
इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच यह परियोजना गुजरात के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या हैं पीएम मोदी के ‘सात संकल्प’?
कैबिनेट बैठक के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तावित ‘सात संकल्प’ पर भी चर्चा हुई।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन संकल्पों में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
इसके अलावा कौशल विकास, रोजगार सृजन, खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से भारतीय उद्योग, स्टार्टअप इकोसिस्टम और MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
रोजगार और निवेश पर भी रहेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई परियोजनाएं केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं हैं।
इनसे निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
अमरावती और अहमदाबाद जैसी परियोजनाएं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
सरकार की कोशिश है कि विकास परियोजनाओं के माध्यम से देशभर में संतुलित आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
केंद्रीय कैबिनेट की ताजा बैठक में लिए गए फैसले सरकार की विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रित रणनीति को दर्शाते हैं। अहमदाबाद मेट्रो विस्तार, अमरावती विकास परियोजनाएं और सात संकल्प जैसे कदम आने वाले वर्षों में शहरी विकास, निवेश और रोजगार सृजन को नई दिशा दे सकते हैं। इन योजनाओं का असर सिर्फ संबंधित राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की व्यापक आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।