“अस्पताल से नवजात को लेकर लौट रहा था परिवार, अंधेरे में सड़क का गड्ढा बना मौत का जाल… 3 की दर्दनाक मौत”

गुजरात: के Gujarat के ग्रामीण कच्छ इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे ने एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ घंटे पहले जन्मा नवजात बच्चा चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया।

यह हादसा 9 मई की रात कच्छ जिले के दधार-साधरा मार्ग पर हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे के आसपास न तो कोई बैरिकेड लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड मौजूद था। अंधेरे में चलते हुए वाहन चालक को गड्ढा दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उसमें जा गिरी।

अस्पताल से लौट रहा था परिवार

जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय अमद इब्राहिम सामा अपनी कार से परिवार के साथ भुज के जीके जनरल अस्पताल से लौट रहे थे। उनके साथ कार में उनकी पत्नी, नवजात बच्चा, सास-ससुर और अन्य रिश्तेदार सवार थे।

परिवार जूना गांव जा रहा था, जो कच्छ के रण क्षेत्र में स्थित है। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया।

बताया गया कि कार में मौजूद रेहाना हकीम सामा ने कुछ ही घंटे पहले अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। परिवार खुशियों के साथ घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी।

अंधेरे में नहीं दिखा गड्ढा

एफआईआर के अनुसार, सड़क पर लगभग 15 फीट लंबा और गहरा गड्ढा खोदा गया था। यह गड्ढा ड्रेनेज लाइन निर्माण के लिए बनाया गया था।

हैरानी की बात यह रही कि निर्माण स्थल पर न तो कोई बैरिकेड लगाया गया था, न कोई रिफ्लेक्टर और न ही डायवर्जन का कोई संकेत मौजूद था।

रात का अंधेरा और सड़क पर स्ट्रीटलाइट न होने के कारण चालक को गड्ढा दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उसमें गिर गई।

तीन लोगों की मौत

हादसे में कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नवजात बच्चे की मां भी शामिल थी।

नवजात बच्चा सुरक्षित बच गया, लेकिन जन्म के कुछ घंटों के भीतर ही उसने अपनी मां को खो दिया।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।

स्थानीय लोगों ने बचाए घायलों की जान

हादसे के बाद आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

थोड़ी देर बाद GVK-EMRI 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को खावड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

इसके बाद गंभीर घायलों को वापस भुज के जीके जनरल अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की FIR

घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

कच्छ (पश्चिम) पुलिस ने 12 मई को अज्ञात ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस ने सड़क एवं भवन विभाग को पत्र लिखकर इस निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी मांगी है।

सीमा के पास स्थित है सड़क

यह सड़क भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी करीब स्थित है। इलाके में पर्याप्त स्ट्रीटलाइट नहीं हैं और कई हिस्सों में सड़कें सुनसान रहती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की भारी अनदेखी की गई थी।

लोगों में गुस्सा

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि अगर सड़क पर चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड लगे होते तो यह हादसा टल सकता था।

परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सड़क निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।

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