गुजरात: का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। सोमवार को आयोजित होने वाला सोमनाथ अमृतपर्व-2026 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आधुनिक तकनीक और भव्य आस्था का अद्भुत संगम बनने वाला है। इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगे। पहली बार सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर पर देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा, जिसे लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। सुरक्षा के भी अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। मंदिर और आसपास के इलाकों में पुलिस, ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की विशेष तैनाती की गई है।
पहली बार होगा ऐतिहासिक शिखर कुंभाभिषेक
सोमनाथ मंदिर के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब मंदिर के मुख्य शिखर पर विशेष कलश के जरिए 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण भारत के मंदिरों में हर 10 से 12 वर्षों में इस प्रकार का आयोजन होता है, लेकिन सोमनाथ में यह परंपरा पहली बार शुरू हो रही है।
विशेष रूप से तैयार किया गया यह विशाल कलश करीब 8 फीट ऊंचा है। इसकी कुल क्षमता 1100 लीटर बताई जा रही है। पूरे ढांचे का वजन लगभग 1860 किलोग्राम है, जबकि अकेले कलश का वजन 760 किलोग्राम है। इसे तैयार करने में महीनों की मेहनत लगी है।

तीन मिनट में शिखर तक पहुंचेगा विशाल कलश
इस आयोजन की सबसे खास बात इसकी आधुनिक तकनीक होगी। अधिकारियों के अनुसार 90 मीटर ऊंची अत्याधुनिक क्रेन की सहायता से इस विशाल कलश को मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया रिमोट कंट्रोल और सेंसर तकनीक से संचालित होगी।
वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच महज तीन मिनट में यह कलश शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद 11 पवित्र तीर्थों के जल से शिखर अभिषेक होगा। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय क्षण बनने वाला है।
पीएम मोदी करेंगे विशेष पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी विशेष महापूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली विरासत को समर्पित स्मारक डाक टिकट और विशेष स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे। इसे मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष रूप से तैयार किया गया है।
75 वर्षों का गौरवशाली उत्सव
सोमनाथ अमृतपर्व पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।
देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए सोमनाथ पहुंच रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पार्किंग, चिकित्सा, सुरक्षा और यातायात को लेकर अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम
सोमनाथ अमृतपर्व-2026 केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की बदलती तस्वीर का प्रतीक भी बन रहा है। जहां एक ओर वैदिक परंपराओं का पालन किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर आधुनिक इंजीनियरिंग और तकनीक का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
विशाल क्रेन, सेंसर तकनीक और रिमोट सिस्टम के जरिए शिखर अभिषेक का यह आयोजन विश्वभर के श्रद्धालुओं और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाला है।
सोमनाथ अमृतपर्व-2026 भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम साबित होने जा रहा है। पहली बार शिखर पर 11 तीर्थों के जल से होने वाला कुंभाभिषेक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस आयोजन को और भी भव्य और ऐतिहासिक बना रही है।