देश: में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। पूर्वोत्तर से लेकर पूर्वी और दक्षिण भारत तक कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने सियासत को गरमा दिया है।
सबसे बड़ा झटका असम में कांग्रेस को लगा है, जहां वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दिया और बुधवार को गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए।
बीजेपी जॉइन करने के बाद बोरदोलोई ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें “घुटन” महसूस हो रही थी और उनका लगातार अपमान किया जा रहा था। उनके इस बयान से साफ है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि असम की 126 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) क्रमशः 26 और 11 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
इधर, पश्चिम बंगाल में भी चुनाव से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने 5 DIG और 13 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। साथ ही कई जिलों में नए जिला मजिस्ट्रेट (DM) नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें जिला चुनाव अधिकारी (DEO) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
चुनाव आयोग का यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आयोग ने साफ किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दक्षिण भारत में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केरल में आम आदमी पार्टी (AAP) ने विधानसभा चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। इससे पहले पार्टी पहली सूची में 22 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। वहीं कांग्रेस और बीजेपी भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है।
तमिलनाडु में भी सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। टीवीके प्रमुख विजय ने एनडीए के साथ गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और किसी भी प्रकार के समझौते से दूर रहेगी।

इस बीच, देशभर में चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए 25 लाख कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिसमें 85 लाख सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, इन चुनावों में करीब 174 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र होंगे। आयोग ने सभी अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतियों के बीच अब यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले चुनाव बेहद अहम और कड़े मुकाबले वाले होंगे।