पश्चिम बंगाल: की राजनीति में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे समय तक ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के दबदबे वाले राज्य में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही यह तय हो गया कि पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान करते हुए उन्हें माला पहनाई और गले लगाकर बधाई दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पूरे हॉल में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
सुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 10 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। भाजपा इस शपथ ग्रहण को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रही है।
56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हराकर सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। इससे पहले 2021 में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर भी ममता को मात दी थी। भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया।
अमित शाह ने ममता सरकार पर बोला बड़ा हमला
विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“ममता जी के शासन में अपराधी राजनेता बन गए थे। जब अपराध और राजनीति एक हो जाएं तो विकास की कोई गुंजाइश नहीं बचती। लेकिन अब कुछ ही महीनों में ये सब खत्म हो जाएगा।”
शाह ने कहा कि भाजपा का बंगाल में सरकार बनाना सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं बल्कि वैचारिक विजय भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल अब साकार होने जा रहा है।

“गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा सरकार”
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा—
“100 साल की वैचारिक यात्रा के बाद गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार बन गई है। 1950 से जिस विचारधारा को लेकर हम निकले थे, आज उसी विचार की जीत हुई है।”
उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी थी, लेकिन एक कसक बाकी थी कि बंगाल में भाजपा का झंडा फहराना है। अब वह सपना भी पूरा हो गया।
3 से 207 सीटों तक पहुंची भाजपा
अमित शाह ने भाजपा की बंगाल यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा का बंगाल में सिर्फ खाता खुला था, फिर पार्टी 3 सीटों पर पहुंची, उसके बाद 77 सीटें मिलीं और अब 207 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। शाह ने कहा—
“दीदी का सूपड़ा साफ हो गया।”
घुसपैठियों पर भी शाह का बड़ा बयान
अमित शाह ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा—
“भाजपा बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी। यह ध्रुवीकरण का मुद्दा नहीं, देश की सुरक्षा का मुद्दा है।”
उनके इस बयान के बाद कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगी।
संदेशखाली पीड़िता को मंत्री बनाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, संदेशखाली की चर्चित पीड़िता रेखा पात्रा को भी नई सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि उन्हें कौन सा विभाग मिलेगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यह फैसला भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी महिलाओं और पीड़ित वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रही है।
बंगाल की राजनीति में नए युग की शुरुआत
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के बाद बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के शासन के बाद अब भाजपा पहली बार राज्य की सत्ता संभालने जा रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सुवेंदु अधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था सुधारने, उद्योग लाने और भाजपा के चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी है। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही भाजपा ने ममता बनर्जी के लंबे शासन का अंत कर दिया। अमित शाह के आक्रामक भाषण और भाजपा के बड़े दावों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति पूरी तरह बदलने वाली है।