मध्य प्रदेश: के जबलपुर में स्थित बरगी डैम गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया, जब पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर अचानक डूब गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि 28 लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों के लिए जारी किए गए थे। यह तथ्य सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हादसा डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ, जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
तेज तूफान बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अचानक आए तेज तूफान और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने क्रूज को असंतुलित कर दिया। क्रूज पायलट महेश, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, ने बताया कि सब कुछ इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
दिल दहला देने वाला दृश्य
हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। मृतकों में शामिल मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया। रेस्क्यू टीम ने जब उनके शव बरामद किए, तो मां ने अपने बच्चे को लाइफ जैकेट में सीने से कसकर चिपकाया हुआ था। यह दृश्य मानवता और मातृत्व की चरम सीमा को दर्शाता है।
बचाव अभियान में जुटी कई टीमें
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ SDRF, सेना और पैरामिलिट्री की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। हैदराबाद से विशेष टीम और हेलिकॉप्टर भी भेजा गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री बल पहुंच चुका है। डैम में करीब 20 फीट गहराई में डूबे क्रूज को निकालने के लिए हाइड्रोलिक मशीनों और पोकलेन का उपयोग किया जा रहा है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। दिल्ली से घूमने आए एक परिवार में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता और बेटी किसी तरह बच गए। वहीं खमरिया के एक परिवार के 15 लोग इस क्रूज में सवार थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सुरक्षा में लापरवाही पर सवाल
बताया जा रहा है कि कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जो इस हादसे में मौतों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण हो सकता है। इसके अलावा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना भी गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
बरगी डैम का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम भी प्रतीत होता है। प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए यह एक बड़ा सबक है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और निगरानी आवश्यक है। वहीं, यह घटना उन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गई है, जिन्होंने अपने अपनों को खो दिया।