उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दुबई जाने वाले एक युवक के बैग से अवैध तमंचा बरामद हुआ। यह मामला न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियार सप्लाई के संभावित नेटवर्क की ओर भी इशारा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान गोंडा जिले के रहने वाले महेश कुमार चौहान के रूप में हुई है। वह Chaudhary Charan Singh International Airport से दुबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने पहुंचा था। युवक का टिकट Air India Express की फ्लाइट IX-193 का था।
घटना उस समय सामने आई जब युवक लगेज बुकिंग काउंटर पर पहुंचा और उसके बैग की नियमित सुरक्षा जांच की गई। स्कैनिंग के दौरान बैग में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद जब बैग खोला गया तो उसमें 12 बोर का अवैध तमंचा बरामद हुआ। यह देखते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
तुरंत एयरपोर्ट सिक्योरिटी ने युवक को हिरासत में लिया और मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। Uttar Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सरोजनी नगर थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने बताया कि वह दुबई में नौकरी करने जा रहा था, लेकिन उसके पास से मिले तमंचे के बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यही कारण है कि पुलिस को इस मामले में गहरी साजिश की आशंका हो रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह आशंका जताई जा रही है कि युवक दुबई में अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए इस तमंचे को सैंपल के रूप में ले जा रहा था। हालांकि इस एंगल की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और सोशल नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा के अनुसार, एयरपोर्ट के सुपरवाइजर की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है और युवक की पूरी पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है। गोंडा जिले के सभी थानों से भी उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक की जांच में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।
यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक पहले भी दुबई जा चुका है। वर्ष 2023 में वह वहां करीब 5 महीने तक मजदूरी का काम कर चुका था। इसके बाद वह भारत लौट आया था और अब दोबारा दुबई जा रहा था।
इस घटना ने एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता को भी उजागर किया है। यदि स्कैनिंग के दौरान यह हथियार पकड़ा नहीं जाता, तो यह एक बड़ी सुरक्षा चूक साबित हो सकती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में जांच एजेंसियों को बेहद सतर्कता के साथ हर पहलू की जांच करनी होगी।
लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया यह मामला सिर्फ एक युवक तक सीमित नहीं हो सकता। यह अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई के बड़े नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस की जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।