मेरठ में मजदूर परिवार के बेटे ने पूरा किया बचपन का सपना, हाथी पर निकाली शाही बारात
उत्तर प्रदेश: के मेरठ जिले से एक ऐसी शादी की कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां एक गरीब परिवार के युवक ने अपने बचपन का सपना पूरा करने के लिए करीब 20 साल तक पैसे जोड़े और फिर हाथी पर बैठकर शाही अंदाज में बारात निकाली। यह अनोखी बारात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
इंचौली थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी अंकित ने 21 अप्रैल को मुजफ्फरनगर के मंडौरा गांव में शादी की। लेकिन इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि अंकित घोड़ी या लग्जरी कार की बजाय हाथी पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचा।
5 साल की उम्र में देखा था सपना
अंकित ने बताया कि जब वह करीब 5 साल का था, तभी उसने ठान लिया था कि वह अपनी बारात हाथी पर ही निकालेगा। उसने यह बात अपने पिता और दादा को बताई थी। परिवार ने भी उसकी इस ख्वाहिश को मजाक में नहीं लिया, बल्कि उसे पूरा करने का संकल्प ले लिया।
अंकित ने कहा,
“गरीब हो या अमीर, सपना हर किसी का होता है। मेरा सपना था कि मैं हाथी पर बैठकर अपनी दुल्हन लाने जाऊं। आज वह सपना पूरा हो गया।”
मजदूरी करके जुटाए पैसे
अंकित का परिवार बेहद साधारण है। उनका घर कच्चा है और कई कमरों पर छत तक नहीं है। परिवार झोपड़ीनुमा घर में रहता है। अंकित के पिता कालू मजदूरी करते हैं और अंकित खुद खेतों में गन्ना काटने व दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है। उसे रोज करीब 500 रुपए मजदूरी मिलती है।
अंकित ने 12वीं के बाद आईटीआई की पढ़ाई की और अब सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। उसने बताया कि उसने पहले अपने छोटे भाई और बहनों की शादी कराई। परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद ही अपनी शादी के बारे में सोचा।

शादी के कार्ड पर भी छपवाई हाथी की तस्वीर
अंकित ने अपनी शादी को खास बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। शादी के कार्ड पर भी हाथी की तस्वीर छपवाई गई थी। इससे गांव के लोगों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई थी।
जब 21 अप्रैल को हाथी गांव पहुंचा, तो उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। दूल्हा सिर पर साफा, हाथ में तलवार और शाही पोशाक पहनकर हाथी पर बैठा। गांव की गलियों में हाथी पर निकली बारात को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
राजस्थान से बुलाया गया शाही हाथी
अंकित ने बताया कि मेरठ और आसपास उसकी पसंद का हाथी नहीं मिला। इसके बाद उसने राजस्थान के जयपुर से हाथी बुक किया। गूगल के जरिए जयपुर के एक हाथी संचालक से संपर्क किया गया।
राजस्थान से हाथी मेरठ लाने, परमिशन और ट्रांसपोर्ट सहित कुल खर्च करीब 2 लाख 60 हजार रुपए आया। हाथी को ट्रक में लाकर मेरठ पहुंचाया गया। शादी के बाद उसी रात हाथी को वापस जयपुर भेज दिया गया।
गांव में 75 साल बाद दिखा ऐसा नजारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में करीब 75 साल बाद किसी दूल्हे की बारात हाथी पर निकली है। बुजुर्गों के मुताबिक, इससे पहले 1951 में ऐसा दृश्य देखने को मिला था।
गांववालों ने कहा कि आजकल लोग महंगी कारों और डीजे पर लाखों खर्च करते हैं, लेकिन हाथी पर निकली बारात ने शादी को बिल्कुल राजसी बना दिया।
पिता बोले- बेटे की खुशी सबसे बड़ी
अंकित के पिता कालू ने भावुक होकर कहा,
“हम गरीब जरूर हैं, लेकिन बेटे का सपना पूरा करना चाहते थे। हमने मजदूरी करके पैसे जोड़े और आखिरकार उसका सपना सच कर दिया।”
उन्होंने बताया कि परिवार ने कई सालों तक छोटी-छोटी बचत की, ताकि बेटे की शादी को खास बनाया जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई शादी
अंकित की हाथी वाली बारात की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इस शादी को “गरीब का शाही सपना” और “मेहनत की जीत” बता रहे हैं।
कई यूजर्स ने लिखा कि सपने पूरे करने के लिए पैसा नहीं, बल्कि जुनून और धैर्य चाहिए।
मेरठ के अंकित की यह शादी सिर्फ एक बारात नहीं, बल्कि सपनों, संघर्ष और परिवार के प्यार की मिसाल बन गई। सीमित संसाधनों के बावजूद एक गरीब परिवार ने बेटे का बचपन का सपना पूरा कर दिखाया। यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।