‘जहरीले सांप’ बयान पर सियासी घमासान: नितिन नवीन का पलटवार- कांग्रेस समाज में जहर घोल रही

देश: की राजनीति में बयानबाजी को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘जहरीले सांप’ वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर भाजपा नेता नितिन नवीन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर समाज में जहर घोलने का आरोप लगाया है।

नितिन नवीन ने एक इंटरव्यू में कहा कि खड़गे का बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह समाज को सांप्रदायिक आधार पर भड़काने की कोशिश भी करता है। उनके मुताबिक, कांग्रेस की यह पुरानी रणनीति रही है कि वह ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करती है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हो।

क्या था खड़गे का बयान

दरअसल, 6 अप्रैल को असम में एक चुनावी रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि अगर कोई नमाज पढ़ रहा हो और वहां ‘जहरीला सांप’ आ जाए, तो उसे मार देना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी को ‘जहरीला सांप’ बताया था।

खड़गे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और भाजपा ने इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

नितिन नवीन का पलटवार

नितिन नवीन ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की ‘सस्ती मानसिकता’ को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल केवल लोगों को भड़काने और चुनावी लाभ लेने के लिए किया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कांग्रेस इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती है, जनता उसका जवाब चुनाव में देती है और भाजपा को समर्थन मिलता है।

गांधी परिवार पर भी निशाना

भाजपा नेता ने इस बयान के लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रही है और खड़गे वही बोलते हैं जो उन्हें निर्देशित किया जाता है।

नवीन के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का बयान नहीं है, बल्कि पार्टी की सोच को दर्शाता है।

अन्य मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया

नितिन नवीन ने खड़गे के एक अन्य बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की थी। उन्होंने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है और वहां के लोगों को कमतर आंकना गलत है।

इसके अलावा, उन्होंने बिहार की राजनीति को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए में कोई मतभेद नहीं है और सब कुछ नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुचारु रूप से चल रहा है।

विपक्ष पर हमला जारी

नितिन नवीन ने कांग्रेस को एनडीए का सबसे बड़ा चैलेंजर मानने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि असली चुनौती कांग्रेस की सोच है, न कि उसका संगठन।

उनका कहना था कि कांग्रेस की राजनीति तुष्टिकरण और नकारात्मकता पर आधारित है, जिससे उसकी साख लगातार गिर रही है।

बंगाल और अन्य राज्यों पर बयान

पश्चिम बंगाल को लेकर भी उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आम जनता की अनदेखी की गई है और भाजपा वहां सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

भाषा की मर्यादा पर सवाल

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद की भाषा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा का समाज पर व्यापक असर पड़ता है।

ऐसे में यह जरूरी है कि सभी राजनीतिक दल संयमित और जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करें, ताकि लोकतांत्रिक माहौल स्वस्थ बना रहे।

‘जहरीले सांप’ बयान को लेकर छिड़ा यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती बयानबाजी चुनावी माहौल को और गरमा सकती है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि राजनीतिक दल इस मुद्दे को कैसे आगे बढ़ाते हैं और जनता इसे किस नजरिए से देखती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *