जयपुर: में आयोजित ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना और वायुसेना ने आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। साउथ वेस्टर्न कमांड मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने दो टूक शब्दों में कहा कि नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अब कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ गहराई तक कार्रवाई करने की क्षमता रखता है और भविष्य में कब, कहां और कैसे जवाब देना है, इसका फैसला पूरी तरह भारत करेगा।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार मौजूद आतंकी लॉन्च पैड, प्रशिक्षण शिविर और आतंकवाद से जुड़े अन्य ढांचों की पहचान कर ली है। उन्होंने कहा कि इन ठिकानों को लेकर भारतीय एजेंसियों के पास बेहद सटीक और विस्तृत जानकारी मौजूद है। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्होंने इन स्थानों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत अब पुराने तरीके से जवाब नहीं देगा। यह नया भारत है, जो आतंकवाद को उसके स्रोत तक जाकर खत्म करने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। उन्होंने दोहराया कि LoC के पार अब कोई भी सुरक्षित क्षेत्र नहीं बचा है।
राजीव घई ने यह भी कहा कि आतंकवादी कैंप लगातार अपनी जगह बदलते रहते हैं। कई ठिकानों को अब पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट किया गया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां वे अधिक सुरक्षित रहेंगे। लेकिन भारतीय सेना हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी स्तर तक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन के रिश्तों को लेकर भी बड़ा बयान सामने आया। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन मूल के हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को पाकिस्तान, चीन या तुर्किये जैसे देशों के गठजोड़ का सामना करना पड़ता है, तो भारतीय सेना हर परिस्थिति के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि सेना उसी टीम के खिलाफ खेलती है जो मैदान में सामने आती है और भारत की सुरक्षा रणनीति उसी हिसाब से तैयार की जाती है। भारतीय सशस्त्र बल लगातार अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं और सीमाई चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और समन्वित रणनीति पर काम हो रहा है।
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की लड़ाई पाकिस्तान की जनता से नहीं, बल्कि आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र से है।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इसके अलावा 11 एयर फील्ड और 13 पाकिस्तानी विमान भी नष्ट किए गए थे। इनमें एक एयर वार्निंग विमान भी शामिल था, जिसे 300 किलोमीटर से अधिक दूरी से निशाना बनाया गया।
एयर मार्शल भारती ने कहा कि पाकिस्तान ने जब खुलकर आतंकवाद का समर्थन किया और संघर्ष को अपनी लड़ाई बना लिया, तब भारत को कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा के तहत थी और उसका उद्देश्य सिर्फ आतंकवादी ढांचे को खत्म करना था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य और नागरिक ढांचे को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। पाकिस्तान की ओर से किए गए सभी हमलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया था।
डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राजीव घई ने बताया कि 7 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 प्रमुख लक्ष्यों को निशाना बनाया था। इस पूरे अभियान में 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक और 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त अभियान था। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेनाओं को पूरी स्वतंत्रता दी थी।
साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय सेना के लगभग 65 प्रतिशत उपकरण देश में ही तैयार किए जा रहे हैं, जिससे भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता लगातार मजबूत हो रही है।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना का संदेश बेहद स्पष्ट और आक्रामक रहा। LoC के पार आतंकी ठिकानों को लेकर सेना ने साफ कर दिया कि अब आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान और उसके समर्थक तंत्र को यह चेतावनी भी दी गई कि भारत अब हर चुनौती का जवाब अपने समय और अपनी शर्तों पर देगा।