नई दिल्ली: देश आज वीरता, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई बड़े नेताओं ने महान योद्धा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस को याद किया। सोशल मीडिया पर सुबह से ही महाराणा प्रताप जयंती ट्रेंड करती रही और देशभर में लोगों ने उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि वे वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपना पूरा जीवन मातृभूमि के सम्मान, गरिमा और गौरव की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “देश के महान योद्धा और वीरता एवं पराक्रम के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि। उनके अदम्य साहस और अटूट आत्मसम्मान की गाथाएं आने वाले युगों तक देशवासियों के हृदयों में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित करती रहेंगी।”
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश को लाखों लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया। भाजपा समर्थकों और इतिहास प्रेमियों ने महाराणा प्रताप को भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें राष्ट्र के प्रति समर्पण और आत्मसम्मान का शाश्वत प्रतीक बताया। अमित शाह ने कहा कि भारतीय इतिहास में महाराणा प्रताप स्वतंत्रता, बलिदान और संघर्ष की सबसे बड़ी प्रेरणाओं में से एक हैं।
अमित शाह ने अपने संदेश में लिखा, “अदम्य साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण के शाश्वत प्रतीक महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर मेरा विनम्र नमन।” उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया।

गृह मंत्री ने आगे कहा कि कठिन परिस्थितियों, संघर्ष और अभावों के बावजूद महाराणा प्रताप ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता आज भी हर भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें “हिंदुओं का सूर्य” बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, निस्वार्थता और पराक्रम के अद्वितीय प्रतीक थे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “भारत माता के अमर सपूत, स्वतंत्रता की शाश्वत आवाज और पराक्रम के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का आत्मबलिदान और साहस आने वाली पीढ़ियों को अन्याय के खिलाफ लड़ने और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी महाराणा प्रताप को याद करते हुए कहा कि उनकी साहस और समर्पण की विरासत भारत के गौरव की नींव है। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें अदम्य साहस, असाधारण वीरता और अडिग संकल्प का प्रतीक बताया।
इतिहासकारों के अनुसार महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के उन महान योद्धाओं में शामिल हैं जिन्होंने कभी भी विदेशी सत्ता के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। हल्दीघाटी का युद्ध आज भी वीरता और संघर्ष की मिसाल माना जाता है। महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक माना जाता है।
देशभर में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में शोभायात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। सोशल मीडिया पर भी लाखों लोगों ने महाराणा प्रताप को याद करते हुए संदेश साझा किए।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना के प्रतीक हैं। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
महाराणा प्रताप की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने उनके साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति को याद किया। महाराणा प्रताप का संघर्ष और बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।