लखनऊ में शिवराज का किसान अवतार, बोले- विकसित भारत के लिए विकसित खेती जरूरी

ट्रैक्टर चलाते नजर आए शिवराज सिंह चौहान, किसानों के लिए किए बड़े ऐलान

उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ के रहमानखेड़ा में आयोजित दो दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन-2026’ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का अलग अंदाज देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खुद ट्रैक्टर चलाया, आम के बागों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

इस दौरान कृषि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने आम के पेड़ों पर लगे फलों को हाथ से छूकर उनकी गुणवत्ता और विशेषताओं की जानकारी ली।

कार्यक्रम में किसानों, बागवानों और कृषि विशेषज्ञों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

यूपी में बनेंगे क्लीन प्लांट सेंटर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही “क्लीन प्लांट सेंटर” स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर किसानों को रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे फलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

उन्होंने कहा,

“सरकार खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है।”

उन्होंने यह भी बताया कि निजी क्षेत्र को भी क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने में सहायता दी जाएगी ताकि किसानों को बेहतर संसाधन मिल सकें।

आम की शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर काम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय आमों की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है और अब इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि इससे आमों के निर्यात में बड़ी मदद मिलेगी और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ज्यादा मुनाफा मिलेगा।

सरकार समुद्री मार्ग के जरिए निर्यात लागत कम करने पर भी काम कर रही है। साथ ही अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए बाजारों में भारतीय आम भेजने की तैयारी जारी है।

मलिहाबाद के आम को मिलेगा नया बाजार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मलिहाबाद के आम की मांग रूस समेत कई देशों में लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट क्लस्टर और क्लीन प्लांट सेंटर बनने से उत्तर प्रदेश के बागवानों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का बड़ा मौका मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश की जलवायु फलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है और राज्य में 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त बागवानी शुरू की जा चुकी है।

“विकसित भारत के लिए विकसित खेती जरूरी”

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा—

“विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब खेती विकसित होगी।”

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, स्टोरेज और निर्यात व्यवस्था से जोड़ना जरूरी है।

सरकार जल्द ही एक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जो पौध तैयार होने से लेकर फल बाजार तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया को मैनेज करेगा।

किसानों को फसल संरक्षण, गुणवत्ता सुधार और निर्यात संबंधी ट्रेनिंग देने के लिए विशेष टीमें भी बनाई जाएंगी।

“मैं खुद किसान हूं”

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने खुद को किसान बताते हुए कहा कि किसानों की सेवा ही उनकी पूजा है।

उन्होंने कहा—

“मैं स्वयं किसान हूं, इसलिए किसानों की समस्याओं और जरूरतों को अच्छी तरह समझता हूं।”

उन्होंने कहा कि गेहूं और धान के बाद अब समय आ गया है कि किसानों को बड़े स्तर पर बागवानी और फल उत्पादन से जोड़ा जाए ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अफसरों को लगाई फटकार

कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा कृषि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह के बयान की रही।

उन्होंने मंच से अधिकारियों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि अब विभाग में ढिलाई नहीं चलेगी।

उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक अधिकारी को बैठक में बुलाया, लेकिन अधिकारी ने प्रमुख सचिव की बैठक का हवाला देकर आने से मना कर दिया।

इस पर मंत्री ने कहा—

“बताइए, प्रमुख सचिव बड़ा होता है या चार बार का मुख्यमंत्री और भारत का कृषि मंत्री?”

उन्होंने साफ कहा कि अब अधिकारियों को किसानों के हित के लिए पूरी मेहनत करनी होगी और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा।

किसानों के लिए नई उम्मीद

‘फ्रूट होराइजन-2026’ कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश के किसानों और बागवानों में नई उम्मीद जगाई है। खासतौर पर आम उत्पादकों को निर्यात और आधुनिक तकनीक के जरिए बेहतर आय मिलने की संभावना बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्लीन प्लांट सेंटर और एक्सपोर्ट क्लस्टर समय पर शुरू होते हैं, तो यूपी के फल उत्पादकों को वैश्विक बाजार में बड़ी पहचान मिल सकती है।

लखनऊ में आयोजित ‘फ्रूट होराइजन-2026’ कार्यक्रम के जरिए केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान के ऐलानों और अधिकारियों को दी गई सख्त नसीहत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में यूपी की बागवानी और फल निर्यात क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *