राजस्थान: के दौसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने लोगों की आस्था और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तंत्र-मंत्र और जादू-टोने की आड़ में महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर दुष्कर्म और लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार दौसा पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर बदल रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर महिलाओं की घरेलू और पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। वह महिलाओं को यह विश्वास दिलाता था कि उनके ऊपर भूत-प्रेत बाधा, ग्रह दोष या तांत्रिक प्रभाव है, जिसे केवल विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठानों के जरिए ही दूर किया जा सकता है।
धार्मिक स्थलों पर बुलाकर रचता था साजिश
मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि आरोपी की पहचान सुखवीर उर्फ छोटे उर्फ सुरेंद्र पुत्र दिनेश बाबू निवासी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी ने पीड़िता को पहले अपने प्रभाव में लिया और फिर उसे हरिद्वार, दौसा के मेहंदीपुर बालाजी और उज्जैन जैसे धार्मिक स्थलों पर बुलाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी धार्मिक स्थानों पर होटल और धर्मशालाओं में कमरे बुक करवाता था। वहां वह खुद को सिद्ध तांत्रिक बताकर महिला को डराता और मानसिक रूप से दबाव बनाता था। इसी दौरान उसने महिला के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने पूजा-पाठ, विशेष अनुष्ठान और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर महिला से लाखों रुपए भी ऐंठ लिए। आरोपी हर बार नई कहानियां बनाकर महिला को डराता था कि यदि उसने पूजा अधूरी छोड़ी तो उसके परिवार पर बड़ा संकट आ जाएगा।
मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस से बचता रहा
पीड़िता की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदल रहा था और अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था। इससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो गया था।
दौसा पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया। कई दिनों की निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद पुलिस को आरोपी के उत्तर प्रदेश के मखनपुर इलाके में होने की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को राजस्थान लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने और कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस कर रही बड़े नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी अकेले काम नहीं करता था। संभव है कि उसके साथ कुछ और लोग भी जुड़े हों, जो महिलाओं को फंसाने और धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाएं कराने में मदद करते थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के खिलाफ पहले कहीं और शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि कई महिलाएं सामाजिक डर और बदनामी के भय से सामने नहीं आतीं, इसलिए यह मामला और भी गंभीर हो सकता है।
लोगों से पुलिस की अपील
दौसा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर तंत्र-मंत्र, जादू-टोना या भूत-प्रेत के नाम पर पैसे न दें। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक या तांत्रिक शक्तियों के नाम पर डराकर फायदा उठाने की कोशिश करे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में महिलाएं मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याओं के कारण जल्दी भरोसा कर लेती हैं। अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंधविश्वास किस तरह लोगों को अपराधियों के जाल में फंसा सकता है। पुलिस की कार्रवाई से आरोपी भले ही गिरफ्तार हो गया हो, लेकिन इस घटना ने समाज को सतर्क रहने का बड़ा संदेश दिया है।