उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ से मंगलवार को दो बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। एक ओर जहां मड़ियांव इलाके में 6 साल के मासूम बच्चे की फिनायल पीने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर चिनहट क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है और मौत के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश की जा रही है।
मड़ियांव में मासूम की दर्दनाक मौत
मड़ियांव के बसंत नगर इलाके में रहने वाले विपिन वाजपेयी के 6 वर्षीय बेटे भास्कर की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जानकारी के अनुसार, भास्कर घर में खेल रहा था, तभी उसने गलती से फिनायल पी लिया। बताया जा रहा है कि बच्चा मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं था और उसका इलाज भी चल रहा था।
फिनायल पीने के कुछ ही समय बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। उसे खून की उल्टियां होने लगीं, जिससे परिजन घबरा गए। आनन-फानन में उसे तुरंत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मड़ियांव थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल, यह एक हादसा माना जा रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच जारी है।

चिनहट में युवक ने की आत्महत्या
दूसरी घटना चिनहट के बुद्ध विहार मटियारी इलाके की है, जहां 20 वर्षीय विशाल सिंह ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। विशाल मूल रूप से बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट क्षेत्र का रहने वाला था और कुछ दिनों से अपनी बहन के घर लखनऊ आया हुआ था।
रविवार शाम को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। बहन और आसपास के लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस को लोहिया अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
चिनहट थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों घटनाओं ने उठाए कई सवाल
इन दोनों घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां घरों में खतरनाक रसायनों की आसान पहुंच बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं में बढ़ती मानसिक दबाव और आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरों में फिनायल, कीटनाशक और अन्य जहरीले पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है। वहीं, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और समय रहते उनकी समस्याओं को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
लखनऊ की ये दो घटनाएं केवल हादसे नहीं, बल्कि समाज के सामने एक चेतावनी भी हैं। जहां एक ओर जागरूकता और सावधानी की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता बढ़ाने की भी आवश्यकता है। प्रशासन जांच में जुटा है, लेकिन इन हादसों से सीख लेना हम सभी के लिए जरूरी है।