जेल में बिगड़ी इमरान खान की सेहत! एक आंख की 85% रोशनी खत्म, कोर्ट जांच में बड़ा खुलासा

ढाका/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई गई मेडिकल जांच में सामने आया है कि उनकी दाहिनी आंख की करीब 85% रोशनी जा चुकी है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि तुरंत बेहतर इलाज और सुविधाएं नहीं दी गईं तो उनकी हालत और गंभीर हो सकती है।

इमरान खान अगस्त 2023 से भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।


कोर्ट जांच में क्या सामने आया?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वकील सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इमरान खान कई महीनों से आंखों में धुंधलापन और नजर कमजोर होने की शिकायत कर रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक:

  • अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य बताई गई थी।

  • इसके बाद अचानक दाहिनी आंख की रोशनी में तेज गिरावट आई।

  • जांच के दौरान पिम्स अस्पताल के रेटिना विशेषज्ञ को बुलाया गया।

  • डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंख की नस में खून का थक्का जम गया था।

इलाज के तहत विशेष इंजेक्शन दिए गए, लेकिन इसके बावजूद अब उनकी दाईं आंख में सिर्फ लगभग 15% रोशनी ही बची है।


मानसिक दबाव में भी इमरान?

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अक्टूबर 2023 से इमरान खान को अडियाला जेल में अलग-थलग रखा गया है।

उनके वकील के अनुसार:

  • वे मानसिक रूप से दबाव में नजर आए।

  • परिवार और वकीलों से मुलाकात पर पाबंदियां लगाई गईं।

  • बहनों को अदालत के आदेश के बावजूद नियमित मुलाकात की अनुमति नहीं मिली।

हालांकि हाल ही में जेल प्रशासन बदलने के बाद उन्हें अपनी पत्नी से हफ्ते में एक बार 30 मिनट मिलने की इजाजत दी गई है।

उनके बेटों कासिम और सुलेमान से 2025 में केवल दो बार फोन पर बात कराई गई।


निजी इलाज की इजाजत नहीं?

73 वर्षीय इमरान खान का दावा है कि:

  • उन्हें निजी डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति नहीं दी गई।

  • नियमित ब्लड टेस्ट नहीं कराए गए।

  • दो वर्षों में दांतों के डॉक्टर तक के पास नहीं ले जाया गया।

उनका कहना है कि कई बार अनुरोध के बावजूद मेडिकल सुविधाएं सीमित रहीं।


PTI का दावा – CRVO बीमारी

इमरान खान की पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने पहले दावा किया था कि उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नामक गंभीर आंखों की बीमारी है।

क्या है CRVO?

CRVO एक गंभीर रेटिना रोग है, जिसमें:

  • आंख की मुख्य नस में ब्लॉकेज हो जाता है

  • खून का प्रवाह रुक जाता है

  • रेटिना में सूजन और खून का रिसाव शुरू हो सकता है

यदि समय पर इलाज न मिले तो स्थायी दृष्टि हानि हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • 24 से 72 घंटे के भीतर इलाज जरूरी

  • रेटिना स्पेशलिस्ट की निगरानी आवश्यक

  • आंख के अंदर सूजन कम करने के लिए विशेष इंजेक्शन

  • कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट

साथ ही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना भी जरूरी होता है।


सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

रिपोर्ट के अंत में स्पष्ट कहा गया है कि:

यदि तुरंत बेहतर मेडिकल जांच, परिवार और कानूनी टीम से नियमित मुलाकात की सुविधा बहाल नहीं की गई, तो उनकी सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।

अब देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में आगे क्या निर्देश जारी करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *