‘शीशमहल 2’ पर सियासी संग्राम! केजरीवाल के नए घर की तस्वीरों से बवाल, BJP के आरोप—AAP का पलटवार

दिल्ली: की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। इस बार मुद्दा है आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का नया सरकारी आवास। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके 95 लोधी एस्टेट स्थित नए घर की तस्वीरें जारी करते हुए बड़ा आरोप लगाया है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन तस्वीरों…

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राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस, AAP में भूचाल: क्या पार्टी और सांसद के बीच बढ़ गई है खाई?

पंजाब: की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसने आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर उठ रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है। पंजाब सरकार द्वारा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस लेने के फैसले ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने…

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केजरीवाल का कोर्ट में बड़ा आरोप: ‘जज RSS से जुड़े कार्यक्रम में गईं’, 10 वजहों के साथ हटाने की मांग

दिल्ली: की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के बीच चल रहे बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। Arvind Kejriwal खुद Delhi High Court पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने जस्टिस Swarnkanta Sharma से मामले से खुद को अलग (रिक्यूज) करने की मांग दोहराई। ‘मुझे पहले से…

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अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान- राघव चड्ढा को हटाना AAP की गलती: बोले- बढ़ता कद नेताओं को खटकता है

आम आदमी पार्टी (AAP): के भीतर चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है। मोहाली…

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शराब घोटाला केस में नया मोड़! हाईकोर्ट से CBI को नोटिस, केजरीवाल बोले—अब कोर्ट में ही दूंगा जवाब

राजधानी: दिल्ली के चर्चित कथित शराब घोटाला मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Arvind Kejriwal सोमवार को Delhi High Court में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण बयान दिए। इस मामले में अदालत ने Central Bureau of Investigation (CBI) की याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिससे…

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दावा- राघव चड्ढा को केजरीवाल के घर ‘मुर्गा बनाकर पीटा’: पूर्व AAP नेता बोले- आंख पर लगी चोट, इलाज के लिए इंग्लैंड गए

आम आदमी पार्टी (AAP): के भीतर सियासी हलचल उस समय और तेज हो गई जब पूर्व हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष Naveen Jaihind ने पार्टी के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha को लेकर एक बेहद सनसनीखेज दावा कर दिया। जयहिंद ने आरोप लगाया कि चड्ढा को दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास, जिसे उन्होंने “शीशमहल” कहा, में बुलाकर कथित तौर…

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अंबानी हाउस में शुरू हुई अर्जुन तेंदुलकर की शाही प्री-वेडिंग: भावुक हुए सचिन, पीएम मोदी समेत दिग्गजों को भेजा न्योता

क्रिकेट: के भगवान कहे जाने वाले Sachin Tendulkar के घर इन दिनों जश्न का माहौल है। उनके बेटे Arjun Tendulkar और सानिया चंडोक के प्री-वेडिंग फंक्शन की शुरुआत गुजरात के Jamnagar से हो चुकी है। खास बात यह रही कि समारोह की मेजबानी देश के सबसे चर्चित उद्योगपति परिवारों में से एक, Mukesh Ambani के…

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दिल्ली: की राजनीति में हलचल उस वक्त तेज हो गई जब कथित शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद जहां आम आदमी पार्टी (AAP) में जश्न का माहौल है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “कानूनी प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है।” कोर्ट का फैसला और राजनीतिक तापमान राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जा सके। इस फैसले के साथ ही दिल्ली की पूर्व उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े चर्चित मामले में बड़ा मोड़ आ गया। AAP ने इसे “सत्य की जीत” बताया, जबकि BJP का कहना है कि यह अंतिम फैसला नहीं है और मामले में उच्च अदालतों का दरवाजा खुला है। BJP का पहला रिएक्शन: ‘तकनीकी आधार पर राहत’ BJP सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी किया है। यह एक तकनीकी मुद्दा है। CBI इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। अगर आरोप निराधार थे, तो फिर लगाए क्यों गए? यह सवाल उठता है।” उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी फैसले का अध्ययन करेगी और आगे की रणनीति तय करेगी। BJP का यह रुख साफ करता है कि राजनीतिक टकराव थमने वाला नहीं है। अमित मालवीय का हमला: ‘उच्च अदालतों में होगा परीक्षण’ BJP के आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला निचली अदालत का है। उन्होंने कहा, “दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामलों में कड़े अवलोकन किए थे। देखना होगा कि उच्च न्यायालयों में यह फैसला कितना टिकता है। कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।” मालवीय ने केजरीवाल की ईमानदारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो नीति में बदलाव क्यों किए गए? कथित तौर पर फोन और सिम कार्ड नष्ट क्यों किए गए? कमीशन 6% से 12% क्यों किया गया? ‘घोटाले के जनक’ का आरोप BJP सांसद संजय जायसवाल ने बयान दिया कि “सभी जानते हैं कि यह घोटाला किसके नेतृत्व में हुआ। दिल्ली की जनता सब समझती है।” उन्होंने केजरीवाल और सिसोदिया को इस नीति का ‘मास्टरमाइंड’ बताया। हालांकि कोर्ट के फैसले ने फिलहाल इन आरोपों को कानूनी तौर पर खारिज कर दिया है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष का पलटवार: ‘एजेंसियों का दुरुपयोग’ राजद नेता तेजस्वी यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा, “जब तथाकथित घोटाले में कोर्ट सभी आरोपियों को बरी कर देता है, तो यह बताता है कि मामला राजनीतिक था।” राजद सांसद मनोज कुमार झा ने भी कहा कि “अब कितने लोग माफी मांगेंगे? जब प्रतिशोध से केस प्रेरित होता है, तो उसका यही हश्र होता है।” शराब नीति विवाद क्या था? दिल्ली सरकार की नई उत्पाद शुल्क नीति को लेकर आरोप लगे थे कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। CBI और ED ने इस मामले में जांच की थी। कई गिरफ्तारियां हुईं और लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। हालांकि अदालत ने मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं पाए। क्या आगे अपील होगी? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच एजेंसियां चाहें तो उच्च न्यायालय में अपील कर सकती हैं। BJP नेताओं के बयानों से संकेत मिलता है कि यह संभावना बनी हुई है। यदि मामला उच्च अदालत में जाता है, तो राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। AAP की रणनीति AAP इस फैसले को अपने लिए नैतिक और राजनीतिक जीत के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया गया। संभावना है कि AAP इस मुद्दे को आगामी चुनावों में प्रमुखता से उठाएगी। जनता की नजर में क्या बदलेगा? दिल्ली की जनता के लिए यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक विश्वसनीयता का भी है। एक ओर कोर्ट का फैसला है, दूसरी ओर BJP के सवाल। आखिरकार लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता ही देते हैं। दिल्ली शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लेकिन BJP ने साफ कर दिया है कि राजनीतिक और कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उच्च अदालतों में अपील की संभावना, ईमानदारी पर उठते सवाल और विपक्ष के प्रतिशोध के आरोप—ये सब आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज करेंगे। यह मामला केवल एक अदालत के फैसले तक सीमित नहीं रहेगा; इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

दिल्ली: की राजनीति में हलचल उस वक्त तेज हो गई जब कथित शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद जहां आम आदमी पार्टी (AAP) में जश्न का माहौल…

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