लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में राजनीतिक तंज, ठहाके और तीखी बहस का अनोखा मिश्रण देखने को मिला। निजी स्कूल-कॉलेजों की फीस पर कानून लाने की मांग के दौरान नेता प्रतिपक्ष Mata Prasad Pandey के एक बयान पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath समेत पूरा सदन खिलखिलाकर हंस पड़ा।
‘गलगोटिया वाले कुत्ता खोज लाए…’ पर गूंजे ठहाके
माता प्रसाद पांडेय ने निजी शिक्षण संस्थानों की फीस को नियंत्रित करने के लिए कानून लाने की मांग करते हुए कहा—
“अगर ऐसा नहीं हुआ तो गलगोटिया जैसी स्थिति होगी। वो तो न जाने कहां से कुत्ता खोज लाए और कह दिया हमने बनाया है।”
उनके इस बयान के साथ ही सदन में हंसी गूंज उठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराते नजर आए।
दरअसल, हाल ही में एआई समिट में Galgotias University ने अपने स्टॉल पर चीन में बना एक रोबोट प्रदर्शित किया था और दावा किया था कि इसे उनके छात्रों ने तैयार किया है। मामला उजागर होने के बाद यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया गया था।
योगी का तंज: ‘आप सच्चे समाजवादी हैं…’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा—
“आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की।”
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी की छवि ऐसी थी कि कुछ जिलों के लोगों को होटल में कमरा तक नहीं मिलता था, लेकिन अब परसेप्शन बदल चुका है।
AI समिट और कांग्रेस पर हमला
सीएम योगी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए कांग्रेस के युवा संगठन के प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि भारत आए थे और ऐसे समय में भारत की छवि खराब करने की कोशिश की गई।

किसानों का कर्ज और बजट का गणित
सीएम ने कहा कि 2017 में जब किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया गया, तब भी सवाल उठा था कि पैसा कहां से आएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय प्रबंधन सुधारा और 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अब 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय हैं और 1.10 लाख युवाओं को मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया गया है।
फीस नियंत्रण कानून की मांग
माता प्रसाद पांडेय ने निजी स्कूलों और कॉलेजों की मनमानी फीस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट कानून लाना चाहिए ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को पूरी छूट देना भविष्य में विवादों को जन्म दे सकता है।
सदन में अन्य मुद्दे भी गरमाए
- प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
- बिजली विभाग की विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठे।
- स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों को बार-बार रेफर करने की नीति पर बहस हुई।
- एमएसएमई और रोजगार सृजन को लेकर सरकार ने उपलब्धियां गिनाईं।
विधानसभा में तंज और शायरी का दौर भी चला। शिवपाल यादव की शायरी पर स्पीकर की टिप्पणी के बाद सदन में फिर हंसी का माहौल बन गया।
यूपी विधानसभा का बजट सत्र जहां वित्तीय प्रबंधन और विकास योजनाओं पर चर्चा का मंच बना, वहीं राजनीतिक व्यंग्य और कटाक्ष ने इसे यादगार भी बना दिया।
‘गलगोटिया’ टिप्पणी ने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल को फिर से केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि सरकार निजी शिक्षण संस्थानों की फीस पर कानून लाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं।