उत्तर प्रदेश: के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 अप्रैल को शाम 4 बजे जारी किए जाएंगे। इस बार करीब 50 लाख से ज्यादा छात्रों की किस्मत का फैसला एक साथ होगा, जिससे पूरे प्रदेश में उत्साह और तनाव दोनों का माहौल बना हुआ है।
प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के सचिव भगवती सिंह ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी कि रिजल्ट तय समय पर घोषित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल परिणाम पिछले साल के मुकाबले दो दिन पहले जारी हो रहा है, जिससे छात्रों का इंतजार थोड़ा कम हो गया है।
कैसे चेक करें रिजल्ट?
छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर के जरिए देख सकेंगे। इसके अलावा इस बार भी डिजिलॉकर पर डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे छात्रों को तुरंत अपने अंकपत्र तक पहुंच मिल सकेगी। बाद में स्कूलों के माध्यम से हार्ड कॉपी भी दी जाएगी।
50 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा
इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा में कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें हाईस्कूल (10वीं) के लिए 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं शामिल थे, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) के लिए 24 लाख 79 हजार 352 छात्रों ने आवेदन किया था।
हालांकि, परीक्षा के दौरान करीब 2.87 लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। इनमें हाईस्कूल के 1.61 लाख और इंटर के 1.26 लाख छात्र शामिल हैं।

75 जिलों में 8033 केंद्रों पर हुई परीक्षा
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चली थीं। पूरे राज्य के 75 जिलों में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की गई थीं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
कॉपी जांच में जुटे थे डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक
परीक्षा के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया भी बड़े स्तर पर आयोजित की गई। राज्यभर में 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे, जहां 1 लाख 52 हजार 780 शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की।
18 मार्च से शुरू हुई कॉपी जांच 4 अप्रैल तक चली। इस दौरान कुल 2 करोड़ 80 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें हाईस्कूल की 1.57 करोड़ और इंटरमीडिएट की 1.23 करोड़ कॉपियां शामिल थीं।
टॉपर्स को मिलेगा सम्मान
रिजल्ट के साथ ही बोर्ड टॉपर्स की सूची भी जारी करेगा। राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी टॉपर्स चर्चा का केंद्र रहेंगे।
फेल होने पर भी मिलेगा दूसरा मौका
जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाएंगे, उनके लिए भी राहत की खबर है। यूपी बोर्ड उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका देगा, जिससे वे दोबारा परीक्षा देकर पास हो सकते हैं।
इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे स्क्रूटिनी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें उनकी कॉपियों की दोबारा जांच की जाएगी। हालांकि, स्क्रूटिनी या कंपार्टमेंट परीक्षा के बाद मिलने वाले अंक ही अंतिम माने जाएंगे।
छात्रों में उत्साह और तनाव
रिजल्ट से एक दिन पहले छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह के साथ-साथ घबराहट भी साफ देखी जा रही है। कई छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो कई अच्छे परिणाम की उम्मीद में खुश नजर आ रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को परिणाम चाहे जैसा भी आए, उसे सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए और आगे की योजना पर ध्यान देना चाहिए।
यूपी बोर्ड का रिजल्ट लाखों छात्रों के लिए उनके भविष्य की दिशा तय करेगा। हालांकि, यह केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। सफलता और असफलता दोनों से सीख लेकर आगे बढ़ना ही असली जीत है।