लखनऊ: के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी रैकेट का खुलासा हुआ है।
सीमा शुल्क विभाग ने मस्कट से आए एक यात्री के पास से करोड़ों रुपये का प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया है।
मस्कट से आई फ्लाइट में आया आरोपी
जानकारी के अनुसार, आरोपी यात्री मस्कट से ओमान एयर की फ्लाइट (WY-265) से लखनऊ पहुंचा था।
सीमा शुल्क अधिकारियों को पहले से ही खुफिया इनपुट मिला था, जिसके आधार पर यात्री को चिन्हित कर उसकी जांच की गई।
बैग की तलाशी में बड़ा खुलासा
जब अधिकारियों ने संदिग्ध यात्री के सामान की जांच की, तो उसके काले-भूरे रंग के बैकपैक से कई पैकेट बरामद हुए।
जांच में कुल 17 वैक्यूम पॉलीबैग मिले, जिन्हें बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था।
इन पैकेटों को कैमलिन कार्बन पेपर में लपेटकर रखा गया था, ताकि स्कैनिंग के दौरान पकड़ में न आएं।
8.55 करोड़ का हाइड्रोपोनिक वीड
पैकेटों में मौजूद हरे रंग के पदार्थ की जांच करने पर वह हाइड्रोपोनिक गांजा (वीड) पाया गया।
बरामद ड्रग्स का कुल वजन 8.552 किलोग्राम है।
सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 8 करोड़ 55 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है।

मौके पर ही गिरफ्तारी
बरामदगी के तुरंत बाद अधिकारियों ने आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया।
पूरी कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम की धारा 43 के तहत की गई, जिसके तहत मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका
इस घटना के बाद जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।
संभावना जताई जा रही है कि इस तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई इस बड़ी बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स से आने वाले यात्रियों की जांच और कड़ी कर दी गई है।
ड्रग्स तस्करी पर सख्ती जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोपोनिक वीड जैसे महंगे ड्रग्स की तस्करी बढ़ना एक गंभीर चिंता का विषय है।
यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए भी खतरनाक है।