जयपुर: जिले के चाकसू थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर पूरी रात उसके शव के पास बैठा रहा। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और घरेलू विवादों के खतरनाक परिणामों को एक बार फिर उजागर किया है।
मामला चाकसू के स्वामी का बास गांव का है, जहां शुक्रवार देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वह हिंसक रूप ले बैठा। पुलिस के अनुसार, आरोपी रामवतार रैगर ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी सुनीता (25) का चाकू से गला रेत दिया। बताया जा रहा है कि सुनीता ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे नहीं छोड़ा। संघर्ष के दौरान कमरे की दीवारों और फर्श पर खून के निशान फैल गए, जो घटना की भयावहता को दर्शाते हैं।
हत्या के बाद आरोपी पति ने खुद पर भी चाकू से वार कर आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन वह बच गया। घायल अवस्था में वह पूरी रात अपनी पत्नी के शव के पास बैठा रहा। यह दृश्य इतना भयावह था कि सुबह जब परिजन जागे और घर के बाहर पहुंचे, तो उन्होंने गेट के पास खून से लथपथ शव और उसके पास बैठे रामवतार को देखा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रामवतार और सुनीता की शादी लगभग 6 साल पहले हुई थी। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से लगातार विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि रामवतार बेरोजगार था, जिसके कारण घर में आर्थिक तनाव बना रहता था और अक्सर दोनों के बीच कहासुनी होती रहती थी।
मृतका के भाई मुकेश ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि सुनीता को लंबे समय से दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई।
पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी से पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के पीछे असली कारण क्या था।
यह घटना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। छोटी-छोटी बातों से शुरू होने वाले झगड़े अगर नियंत्रण से बाहर हो जाएं, तो उनके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर डर और आक्रोश का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह परिवार इतनी बड़ी घटना का हिस्सा बन जाएगा।
जयपुर की यह घटना घरेलू कलह के भयावह परिणामों को दिखाती है। समय पर संवाद और समाधान की कमी ने एक परिवार को तबाह कर दिया। ऐसे मामलों में जागरूकता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।