उत्तर प्रदेश: में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में तेज आंधी, बारिश और तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि आकाशीय बिजली और मकान गिरने जैसी घटनाओं में पति-पत्नी समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 22 जिलों में तेज आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं।
सुबह से बदला मौसम का मिजाज
शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ में अचानक आसमान में घने बादल छा गए। सुबह करीब 7:45 बजे दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। कुछ ही देर में तेज धूलभरी आंधी चली और फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई।
कानपुर, अयोध्या, उन्नाव, कौशांबी, गोरखपुर, जौनपुर, गाजीपुर, बस्ती, बलिया और अन्य कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। वाराणसी में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आए तेज तूफान ने लोगों को हैरान कर दिया। कई स्थानों पर होर्डिंग्स उड़ गईं और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं।
प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज में घुसा बारिश का पानी
प्रतापगढ़ में बारिश के कारण मेडिकल कॉलेज परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई जगहों पर नालियों का पानी भी सड़कों पर आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
हाथरस और कानपुर में जलभराव
हाथरस में लगातार हुई बारिश के कारण कोतवाली सदर परिसर तक पानी पहुंच गया। कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
कानपुर में कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया। लोगों को घरेलू सामान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हरदोई में भी कई सड़कें पानी से लबालब दिखाई दीं।
बारिश से जुड़े हादसों में 5 लोगों की मौत
मौसम का यह बदलाव कई परिवारों के लिए दुखद साबित हुआ।
उन्नाव और गाजीपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। वहीं कासगंज में आंधी और बारिश के दौरान एक मकान का लेंटर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर पति-पत्नी और उनकी बेटी की मौत हो गई।
इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
वाराणसी में अस्पताल परिसर में हादसा
वाराणसी के शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय (SPG अस्पताल) में तेज आंधी के कारण पीपल के पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर गिर गई।
इस हादसे में चार लोग दब गए। तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि विजय नामक व्यक्ति को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अगले पांच दिनों तक जारी रहेगा असर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां अब तेज हो चुकी हैं। मानसून के प्रवेश तक प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार:
- 14 जून को पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
- 15 जून को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
- 16 जून को पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
- 17 जून को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा लेकिन कहीं-कहीं बूंदाबांदी संभव है।
- 18 जून को फिर से कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
20 जून तक मानसून की एंट्री की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून अपने तय समय के आसपास यानी 20 जून तक प्रवेश कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी और बारिश दोनों का मिश्रित असर देखने को मिलेगा। हालांकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रदेश में फिलहाल जालौन सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।