पेपर से पहले ‘सुरक्षा की परीक्षा’: NEET री-एग्जाम के लिए आज मॉकड्रिल, CCTV-बायोमेट्रिक से होगी निगरानी

देश: के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा संकट के बाद अब NEET-UG री-एग्जाम 2026 को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले यानी 20 जून को देशभर में मेगा मॉकड्रिल आयोजित की है। इस मॉकड्रिल का मकसद सिर्फ औपचारिक तैयारी नहीं, बल्कि परीक्षा के हर संवेदनशील हिस्से—प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग, CCTV सर्विलांस और प्रशासनिक समन्वय—को रियल टाइम में टेस्ट करना है।

NTA के मुताबिक 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम में 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होंगे। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों को इस बार हाई-सिक्योरिटी जोन की तरह ट्रीट किया जा रहा है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी, लीक, फर्जीवाड़ा या सेंटर-लेवल चूक की गुंजाइश न बचे।

सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक चला फुल-स्केल रिहर्सल

सूत्रों के अनुसार यह मॉकड्रिल सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक चली, जिसमें अलग-अलग शहरों के परीक्षा केंद्रों पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया का रिहर्सल किया गया। इसका उद्देश्य यह देखना था कि प्रश्नपत्र निर्धारित समय पर सुरक्षित तरीके से केंद्रों तक पहुंच रहे हैं या नहीं, CCTV कैमरे और कंट्रोल रूम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, बायोमेट्रिक और पहचान सत्यापन में कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं है, और यदि किसी केंद्र पर आकस्मिक स्थिति बने तो उसका जवाबी प्रोटोकॉल कितना तेज और प्रभावी है।

NTA ने इस बार परीक्षा प्रबंधन को बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचे में रखा है। एजेंसी का कहना है कि प्रश्नपत्रों और OMR शीट्स के हैंडलिंग के लिए सीलबंद प्रोटोकॉल, GPS-enabled वाहन, पुलिस एस्कॉर्ट, और केंद्रीय निगरानी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं, कई रिपोर्टों के मुताबिक संवेदनशील परीक्षा सामग्री की ढुलाई और सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी तैयार की गई है।

674 सिटी कोऑर्डिनेटर, 6,669 ऑब्जर्वर और 2 लाख से ज्यादा कर्मी

री-एग्जाम की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि NTA ने 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं, जो शहर स्तर पर परीक्षा संचालन की निगरानी करेंगे। इसके अलावा 6,669 ऑब्जर्वर परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं। हर केंद्र पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट, इनविजिलेटर, तकनीकी स्टाफ और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है। इसका मकसद परीक्षा को “फेयर, सिक्योर और ट्रांसपेरेंट” बनाना है। NTA इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चाहती, क्योंकि मई में आयोजित मूल NEET-UG परीक्षा को लेकर उठे विवादों ने एजेंसी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

मॉकड्रिल में क्या-क्या परखा गया?

इस मेगा मॉकड्रिल के दौरान मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं की जांच की गई:

  • प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी और रिसीविंग प्रोटोकॉल
  • CCTV कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग
  • आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन
  • मेटल डिटेक्टर के जरिए एंट्री फ्रिस्किंग
  • कंट्रोल रूम और जिला प्रशासन के बीच रियल टाइम समन्वय
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था
  • OMR शीट्स के सुरक्षित संग्रहण और वापसी की तैयारी

NTA ने यह भी कहा है कि परीक्षा के दिन सभी उम्मीदवारों की एंट्री से पहले हाई-सेंसिटिविटी मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। केंद्रों पर अतिरिक्त मैनपावर तैनात की गई है, ताकि लंबी कतारों, अव्यवस्था या देरी जैसी स्थिति न बने।

विद्यार्थियों के लिए क्या बदला है?

री-एग्जाम को लेकर NTA ने सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की सुविधा पर भी कुछ बदलाव किए हैं। परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक होगी। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उम्मीदवारों को अतिरिक्त रफ वर्क स्पेस और परीक्षा व्यवस्था में कुछ राहतें भी दी गई हैं। साथ ही NTA ने छात्रों को फर्जी मैसेज, अफवाहों और अनऑफिशियल अपडेट्स से बचने की सलाह दी है। एजेंसी ने आधिकारिक अपडेट के लिए verified WhatsApp communication service भी शुरू की है।

हालांकि, री-एग्जाम से पहले कुछ विवाद भी सामने आए हैं। एक रिपोर्ट में नागपुर के एक अभ्यर्थी को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित होने का मामला भी सामने आया, जिसने NTA की तैयारी पर नए सवाल खड़े किए। ऐसे मामलों के बीच आज की मॉकड्रिल को एजेंसी की विश्वसनीयता की असली परीक्षा माना जा रहा है।

क्यों अहम है यह मॉकड्रिल?

इस बार NEET री-एग्जाम सिर्फ एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल करने की कोशिश भी है। लाखों छात्र और उनके परिवार इस उम्मीद में हैं कि 21 जून की परीक्षा बिना किसी विवाद के संपन्न हो। इसलिए आज की मॉकड्रिल NTA के लिए सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि एक सिस्टम टेस्ट है—यह साबित करने का कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी रहेगी।

NEET-UG री-एग्जाम 2026 से पहले NTA ने देशभर में जिस स्तर की मॉकड्रिल और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, उससे साफ है कि एजेंसी इस बार किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। 551 शहर, 5,500+ केंद्र, 6,669 ऑब्जर्वर और 2 लाख से ज्यादा कर्मियों की तैनाती बताती है कि 21 जून की परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता की परीक्षा भी है।

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