लखनऊ: में रविवार को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दोनों की मिसाल पेश कर दी। परीक्षा शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले गलत परीक्षा केंद्र पहुंची एक छात्रा को समय रहते सही सेंटर तक पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने अपनी सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराई और उसे सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। इस घटना की चर्चा पूरे दिन सोशल मीडिया और परीक्षा केंद्रों पर होती रही।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के लिए राजधानी लखनऊ में 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर कुल 35,594 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
गलत सेंटर पहुंची छात्रा, पुलिस ने दिखाई तत्परता
गोमतीनगर स्थित पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा परीक्षा देने पहुंची। प्रवेश जांच के दौरान पता चला कि उसका वास्तविक परीक्षा केंद्र गोमतीनगर स्थित जीजीआईसी था। उस समय परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने में केवल सात मिनट शेष थे।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए छात्रा को अपनी गाड़ी में बैठाया और तेज़ी से सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की तत्परता के कारण छात्रा समय पर परीक्षा हॉल में प्रवेश कर सकी।
इस मानवीय पहल की अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। कई लोगों ने कहा कि ऐसे सकारात्मक कदम छात्रों का मनोबल बढ़ाते हैं और पुलिस की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था रही बेहद कड़ी
NEET-UG री-एग्जाम को लेकर राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के बाहर 50 मीटर की परिधि में वाहनों की पार्किंग और अभिभावकों के खड़े होने पर रोक लगा दी थी।
पुलिस लगातार परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी करती रही ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। कई केंद्रों पर पुलिस अधिकारियों ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
परीक्षा केंद्रों पर उमड़ी भीड़
परीक्षा शुरू होने से पहले सुबह 11 बजे से ही अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हो गई थी। दोपहर तक कई परीक्षा केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। गोमतीनगर के पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में छात्रों की लाइन मुख्य सड़क तक पहुंच गई थी।
आशियाना स्थित बिजली पासी डिग्री कॉलेज सहित अन्य केंद्रों पर भी छात्रों की भारी भीड़ दिखाई दी। अभिभावकों को परीक्षा केंद्र से दूर निर्धारित स्थानों पर इंतजार करने को कहा गया।
NTA ने जारी किए थे सख्त निर्देश
परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड, फोटोयुक्त पहचान पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। बिना आवश्यक दस्तावेजों के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच की भी विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
डीएम ने संभाली निगरानी
जिलाधिकारी ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया था। अधिकारियों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।
अभिभावकों ने की व्यवस्था की सराहना
हालांकि परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों को रुकने की अनुमति नहीं थी, फिर भी अधिकांश अभिभावकों ने प्रशासन की व्यवस्था को उचित बताया। उनका कहना था कि सख्ती से परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
वहीं पुलिस द्वारा छात्रा की मदद किए जाने की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही और इसे परीक्षा के दिन की सबसे सकारात्मक खबर माना गया।
लखनऊ में आयोजित NEET-UG री-एग्जाम न केवल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के लिए भी याद रखा जाएगा। गलत परीक्षा केंद्र पहुंची छात्रा को समय रहते सही केंद्र तक पहुंचाकर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। वहीं 35 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि रही।