लखनऊ/वाराणसी/प्रयागराज/कानपुर: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। जहां एक ओर प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में अचानक हुई बारिश ने राहत भी पहुंचाई है। शनिवार दोपहर राजधानी लखनऊ में अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में घने काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से अस्थायी राहत दी।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। कई जिलों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे रहा है।
लखनऊ में अचानक बदला मौसम
शनिवार दोपहर लगभग दो बजे राजधानी लखनऊ में अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे सड़क पर चल रहे लोगों और वाहन चालकों को गर्मी से राहत मिली। करीब 10 मिनट तक हुई बारिश के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह बारिश किसी राहत से कम नहीं थी।
24 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
हालांकि बारिश की खबरों के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 24 जिलों में लू और अत्यधिक गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है।
वाराणसी, प्रयागराज, बांदा, झांसी, हमीरपुर, जालौन और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म हवाएं और उमस आने वाले दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती हैं।
बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को बांदा का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।
वहीं वाराणसी में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे शहर देश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहा। मौसम विभाग ने वाराणसी समेत कई जिलों में 24 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है।

सोनभद्र और मथुरा में भी बारिश
राजधानी लखनऊ के अलावा सोनभद्र में सुबह के समय अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं मथुरा और वृंदावन क्षेत्र में भी शाम के समय मौसम ने करवट ली।
बारिश के बाद मथुरा में तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। तेज हवाओं और बूंदाबांदी के कारण लोगों ने राहत महसूस की।
मानसून की एंट्री में देरी
उत्तर प्रदेश में मानसून के इंतजार के बीच मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। सामान्यतः जून के तीसरे सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून यूपी-बिहार सीमा तक पहुंचने के बाद पिछले कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पाया है। वर्तमान में यह महराजगंज के आसपास ठहरा हुआ है।
कब आएगा मानसून?
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि 23 जून के बाद परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
यदि वर्तमान मौसम प्रणाली में सकारात्मक बदलाव जारी रहा तो 25 जून तक मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति अगले कुछ दिनों की वायुमंडलीय गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
बिजली संकट भी बढ़ा रहा परेशानी
गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई शहरों में बिजली की मांग 900 मेगावाट के पार पहुंच चुकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में भी रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की बारिश शुरू होने तक बिजली की मांग उच्च स्तर पर बनी रह सकती है।
अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर जारी रहेगा।
कुछ जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी संभव है, लेकिन इससे व्यापक राहत मिलने की संभावना कम है। इसके उलट नमी बढ़ने से उमस और अधिक महसूस हो सकती है।