तारकेश्वर/कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विकास, इतिहास और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब दशकों के कुशासन से मुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में पीएम किसान योजना के तहत दो-दो हजार रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
“बंगाल की हवा में नई ताजगी”
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बदलाव की एक नई भावना दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार काम कर रही है और इसका असर आम लोगों के जीवन में दिखाई देने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन का जो निर्णय लिया, उसके परिणाम अब सामने आने लगे हैं। उनके अनुसार राज्य में बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार और कृषि क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।
इतिहास का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौर में बंगाल ने अनेक चुनौतियों का सामना किया और बड़ी संख्या में लोगों ने कठिन परिस्थितियां झेली थीं।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उस समय पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिशें की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध किया और पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इतिहास की इन घटनाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए ताकि वे देश के निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों और संघर्षों को समझ सकें।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की पहचान और अस्मिता को बचाने में मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद राजनीतिक कारणों से उनके योगदान को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इतिहास के ऐसे अध्यायों को सही रूप में सामने लाया जाए।

किसानों को मिली पीएम किसान योजना की किस्त
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना था। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योग दिवस को लेकर विशेष अपील
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगले दिन पूरे देश और दुनिया में योग दिवस मनाया जाएगा और वे स्वयं भी पश्चिम बंगाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बड़े स्तर पर योग दिवस के आयोजनों में भाग लें। प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे महान विचारकों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल की भूमि का योग और आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा संबंध रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। उनके विकास, इतिहास और राजनीतिक मुद्दों पर दिए गए बयानों को लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका राजनीतिक और वैचारिक संदेश भी व्यापक स्तर पर देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी करने के साथ-साथ विकास, इतिहास और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य में विकास की नई शुरुआत का दावा किया, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख किया और योग दिवस को लेकर विशेष संदेश भी दिया। उनके संबोधन ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति और विकास को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।