लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र यानी जेपीएनआइसी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लखनऊ स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को निजी हाथों में सौंपने के सरकार के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए सपा सरकार पर परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया, गोरखपुर और बलिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सपा और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जेपीएनआइसी की लागत और निर्माण की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि परियोजना को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ा।
अखिलेश यादव ने सरकार के फैसले पर उठाया था सवाल
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने जेपीएनआइसी को निजी क्षेत्र के हाथों संचालित करने का फैसला लिया है। इसी फैसले को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जेपीएनआइसी का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा था।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों को लेकर आरोप लगाए और निजीकरण के फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के कार्यकाल का हिसाब सामने रखते हुए पलटवार किया।
योगी बोले- 200 करोड़ की परियोजना पर खर्च हुए 864 करोड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि जेपीएनआइसी परियोजना की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के दौरान इस पर लगभग 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए और इसके बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
योगी ने आरोप लगाया कि परियोजना को सपा सरकार के दौरान कथित तौर पर लूट-खसोट का अड्डा बना दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह पैसा किसी व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि जनता का था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर सरकार अब इस परियोजना को पूरा करने के लिए सार्वजनिक धन खर्च करती है तो करीब 150 से 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। इसी वजह से सरकार ने परियोजना को निजी क्षेत्र के हाथों संचालित करने का निर्णय लिया है।
‘सपा मुखिया को जनता से माफी मांगनी चाहिए’
योगी आदित्यनाथ ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस धन का इस्तेमाल युवाओं को रोजगार देने, गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर और विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं में किया जा सकता था, उसे कथित तौर पर गलत तरीके से खर्च करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि सपा मुखिया को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में लूटपाट और अराजकता को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है।

अखिलेश पर परिवारवाद को लेकर भी हमला
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को परिवार केंद्रित राजनीति से जोड़ते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों के सांसद होने का जिक्र करते हुए सपा को ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बताया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पार्टी का राजनीतिक भविष्य भी पहले के कुछ दलों जैसा हो सकता है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप लगाए।
‘माफिया फिर सिर उठाएगा तो मिट्टी में मिला दिया जाएगा’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब माफियामुक्त हो चुका है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई दोबारा सिर उठाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्व और त्योहार बिना भेदभाव तथा अराजकता के मनाए जा रहे हैं। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
एक लाख से अधिक नौकरियों का भी किया दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि इसमें करीब 45 हजार होमगार्ड और 36 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल होगी। पुलिस भर्ती में करीब चार हजार उपनिरीक्षक पद भी शामिल बताए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जल्द शिक्षक भर्ती शुरू होने की भी बात कही।
इस घोषणा से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज हो सकती है।
बलिया में दयाशंकर सिंह को लेकर भी बोले योगी
बलिया में मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि जब वह अलग-अलग स्थानों पर जाते हैं तो उन्हें बलिया के लोग पहचान में आ जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने दयाशंकर सिंह के परिवार की संपत्ति को लेकर भी टिप्पणी की और बलिया से बक्सर तथा दुर्गापुर तक का जिक्र किया। उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई।
जेपीएनआइसी विवाद में आगे क्या?
जेपीएनआइसी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ सरकार परियोजना की लागत, अधूरे निर्माण और भविष्य के खर्च का हवाला देते हुए निजी संचालन को उचित बता रही है, वहीं सपा सरकार के इस फैसले को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जेपीएनआइसी के निजी संचालन की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और इस परियोजना को पूरा करने के लिए सरकार की अगली रणनीति क्या होती है।

