आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम शुरू हुआ एक खूनी घटनाक्रम बुधवार सुबह पुलिस कार्रवाई के बाद खत्म हुआ। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मारने का आरोप लगा। इसके बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया। करीब सात घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच गतिरोध चला। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बाद में पुलिस टीम पर भी फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इस दौरान गोली लगने से उसका एक बेटा भी घायल हुआ था, जिसने बाद में दम तोड़ दिया।
पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद
घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अरविंद सिंह घर लौटा तो वहां उसकी पत्नी बबीता सिंह कुछ पुजारियों के साथ धार्मिक अनुष्ठान करा रही थी। रिपोर्टों में बताया गया है कि यह पूजा अरविंद के भाई सुनील की आत्मा की शांति के लिए कराई जा रही थी, जिसकी 2019 में हत्या हुई थी। हालांकि, इस धार्मिक आयोजन को लेकर अरविंद की असहमति की बात भी सामने आई है।
इसी दौरान पुजारियों की मौजूदगी और पूजा को लेकर अरविंद और वहां मौजूद लोगों के बीच बहस हुई। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया कि अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड दिखाने को कहा था। विवाद बढ़ने के बाद उस पर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग करने का आरोप है।
पत्नी और दो पुजारियों की मौके पर मौत
फायरिंग में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और दो पुजारी महेंद्र पाठक तथा अखिलेश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। घटनास्थल को घेर लिया गया और पुलिस ने सबसे पहले घर के अंदर मौजूद बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

तीन बच्चों के साथ घर में बंद हो गया आरोपी
फायरिंग के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के अंदर एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, उसके साथ तीन बच्चे थे। पुलिस और परिवार के लोगों ने उसे समझाने तथा बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बातचीत की कोशिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कई घंटों तक आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए मनाने की कोशिश की। वरिष्ठ अधिकारी और परिवार के सदस्य भी उससे बातचीत कर रहे थे। लेकिन वह बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
गोली चलने के बाद बदले हालात
करीब सात घंटे तक चले गतिरोध के दौरान घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद बच्चों को बचाने के लिए पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस का कहना है कि दरवाजा खोलकर टीम अंदर दाखिल हुई तो आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। चेतावनी देने और आत्मसमर्पण के प्रयास के बाद भी फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसमें अरविंद घायल हो गया। उसे और घायल बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई।
दो बेटियों को सुरक्षित निकाला गया
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपी की दो बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों बच्चियों को अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराई गई। पुलिस ने बताया कि बच्चे घटना के कारण सदमे में थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बेटियों को बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
हालांकि, बच्चों की उम्र और संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में कुछ अंतर दिखाई दिया है। इसलिए अंतिम रिपोर्ट में पुलिस के आधिकारिक विवरण को आधार मानना अधिक उचित होगा।
सात घंटे के ऑपरेशन में ATS भी शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। ऑपरेशन में विशेष प्रशिक्षित टीम की मदद भी ली गई। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर रहकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति बनाई।
फॉरेंसिक टीम ने ट्रिपल मर्डर वाले घटनास्थल से भी साक्ष्य जुटाए हैं। तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस अब हत्या के पूरे घटनाक्रम, इस्तेमाल किए गए हथियार, फायरिंग की परिस्थितियों और घटना से पहले हुए विवाद की कड़ियों को जांच रही है।
आखिर विवाद की असली वजह क्या थी?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि धार्मिक अनुष्ठान को लेकर विवाद इतना गंभीर क्यों हुआ। पुलिस के अनुसार, अरविंद ने पूजा में शामिल पुजारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाया और आधार कार्ड मांगने के बाद विवाद बढ़ा। वहीं, रिपोर्टों में परिवार के हवाले से यह भी बताया गया है कि वह पहले से इस पूजा का विरोध कर रहा था।
हालांकि, घटना के पीछे अंतिम और प्रमाणित कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को जोड़कर घटनाक्रम की जांच कर रही है।

