लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में सोमवार को स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों और सरकारी कार्यालयों में काम कराने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार ने 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में शासन की ओर से रविवार को आदेश जारी किया गया है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में घोषित इस छुट्टी से प्रदेश में सरकारी कामकाज और शिक्षण संस्थानों की दिनचर्या प्रभावित होगी।
महर्षि वाल्मीकि जयंती धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी शिक्षाओं और रामायण की रचना में उनके योगदान को याद किया जाता है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में धार्मिक पाठ, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
26 अक्टूबर को किस वजह से घोषित हुई छुट्टी?
उत्तर प्रदेश शासन ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। पहले से जारी वर्ष 2026 की अवकाश व्यवस्था में संशोधन करते हुए यह आदेश जारी किया गया।
इस फैसले के बाद सोमवार को सरकारी कामकाज के लिए कार्यालय जाने वाले लोगों को अपनी योजना बदलनी पड़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति को प्रमाणपत्र बनवाना है, किसी विभाग में आवेदन जमा करना है या किसी सरकारी अधिकारी से मिलना है, तो उसे संबंधित कार्यालय के कार्यदिवस की जानकारी पहले ले लेनी चाहिए।
छुट्टी की घोषणा से विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में भी स्कूल खुलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर स्कूलों में अवकाश रहेगा। हालांकि, किसी विशेष शिक्षण संस्थान की परीक्षा, ड्यूटी या अन्य जरूरी गतिविधि के लिए अलग निर्देश हो सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने स्कूल की ओर से जारी सूचना भी देखनी चाहिए।
क्या सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे?
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को स्कूलों में छुट्टी की जानकारी सामने आई है। सरकारी स्कूलों के साथ निजी विद्यालयों में भी अवकाश रहने की सूचना दी गई है। हालांकि, अलग-अलग जिलों और संस्थानों के निर्देशों में अंतर हो सकता है।
अभिभावकों को सलाह है कि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले विद्यालय के आधिकारिक संदेश, नोटिस या संबंधित जिला प्रशासन की सूचना की जांच कर लें। यदि स्कूल में पहले से कोई परीक्षा, विशेष कार्यक्रम या ड्यूटी निर्धारित है, तो उसके बारे में सीधे विद्यालय से पुष्टि करना बेहतर होगा।
छात्रों के लिए यह अक्टूबर महीने में एक और अवकाश का अवसर है। वहीं, अभिभावकों को अपनी दिनचर्या और बच्चों की पढ़ाई की योजना उसी के अनुसार बनानी चाहिए।

सरकारी कार्यालयों में भी रहेगा सार्वजनिक अवकाश
राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। ऐसे में सरकारी विभागों में नियमित कार्यालयी कामकाज प्रभावित हो सकता है। जरूरी प्रशासनिक काम के लिए निकलने वाले लोगों को संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली और छुट्टी से जुड़ा आदेश देख लेना चाहिए।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि सार्वजनिक अवकाश घोषित होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी सेवाएं बंद रहेंगी। अस्पतालों की आपातकालीन सेवाएं, पुलिस, अग्निशमन और अन्य आवश्यक सेवाएं अपनी व्यवस्था के अनुसार जारी रह सकती हैं। इसी तरह किसी विभाग की विशेष ड्यूटी या पहले से तय कार्य के लिए अलग निर्देश लागू हो सकते हैं।
इसलिए यदि किसी काम की समयसीमा नजदीक है, तो अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय संबंधित कार्यालय से संपर्क करना अधिक सुरक्षित रहेगा।
क्या सोमवार को बैंक भी बंद रहेंगे?
बैंक की छुट्टी को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महर्षि वाल्मीकि जयंती का यह सार्वजनिक अवकाश निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत घोषित अवकाश नहीं है। इसका मतलब है कि इस आदेश के आधार पर सभी बैंकों में अनिवार्य छुट्टी मान लेना सही नहीं होगा।
बैंक की शाखाएं अलग बैंकिंग अवकाश सूची और लागू निर्देशों के अनुसार काम करती हैं। इसलिए नकद निकासी, चेक जमा करने, ड्राफ्ट बनवाने या किसी अन्य जरूरी बैंकिंग काम के लिए जाने से पहले अपनी शाखा से पुष्टि कर लें। डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाओं की उपलब्धता भी संबंधित बैंक की व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।
जिलों में होंगे रामायण पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इनमें रामायण पाठ, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दीप प्रज्ज्वलन जैसे आयोजन शामिल हैं।
धार्मिक महत्व वाले मंदिरों और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। चित्रकूट के लालापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली पर भी विशेष आयोजन की तैयारी की जानकारी सामने आई है।
कार्यक्रमों का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान और उनके जीवन से जुड़ी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाना है। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों के समय और स्थान की जानकारी जिला प्रशासन या संबंधित आयोजन समितियों की ओर से दी जा सकती है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती क्यों है खास?
महर्षि वाल्मीकि को भारतीय परंपरा में आदिकवि के रूप में सम्मान दिया जाता है। उन्हें संस्कृत रामायण का रचयिता माना जाता है। रामायण में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, कर्तव्य, मर्यादा और संघर्ष का वर्णन मिलता है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को याद करने का अवसर है। इस दिन विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन, शोभायात्राएं, भजन और सामाजिक कार्यक्रम होते हैं। उनकी शिक्षाओं को सत्य, सदाचार, करुणा और मानवीय मूल्यों से जोड़कर देखा जाता है।
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद सरकारी कामकाज और स्कूलों की छुट्टी के साथ-साथ इन आयोजनों को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।

