लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रही मतगणना के बीच मंगलवार को कई जगहों से ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। आगरा में शिक्षक एमएलसी सीट की मतगणना पहले चक्र के बाद रुकने की खबर है, वहीं गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एक मतपेटी से दर्ज संख्या से 52 अधिक मत मिलने का मामला सामने आया है। इसके अलावा झांसी में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने भी मतगणना प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
27 अक्टूबर 2026 को सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना सात केंद्रों—लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर—पर कराई जा रही है। इन चुनावों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में कुल 55.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
आगरा में पहले चक्र के बाद क्यों रुकी मतगणना?
आगरा में शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान पहले चक्र के बाद प्रक्रिया रुकने की जानकारी सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले चक्र में लगभग 14 हजार मतों की गिनती हुई और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल करीब एक हजार वोटों से आगे चल रहे थे।
इसके बाद दूसरे चक्र की गणना के लिए तैयारियां की जा रही थीं। दूसरे चक्र में भी 14 टेबलों पर करीब 14 हजार मतों की गिनती प्रस्तावित थी। वहीं, आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतपत्रों की बंडलिंग का काम जारी था। रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया शाम सात बजे तक चलने की बात कही गई थी, जिसके बाद मतगणना शुरू होनी थी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शुरुआती चक्र में किसी प्रत्याशी का आगे होना अंतिम जीत की पुष्टि नहीं करता। अंतिम नतीजे के लिए सभी निर्धारित चरणों की मतगणना और निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

गोरखपुर में मतपेटी खुलने पर 52 वोट ज्यादा मिलने का मामला
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान मतों की संख्या में अंतर सामने आने से सवाल उठे। रिपोर्ट के मुताबिक, मऊ महानगर के बूथ संख्या 115 से आई मतपेटी को सील करते समय उसमें 623 मत दर्ज किए गए थे। फॉर्म 16 में भी मतों की संख्या 623 ही लिखी थी।
हालांकि, मतपेटी खोले जाने पर उसमें 675 मतपत्र मिलने की जानकारी सामने आई। इस तरह दर्ज संख्या और मतपेटी में मिले मतपत्रों के बीच 52 का अंतर बताया गया।
यह मामला मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता और रिकॉर्ड के मिलान के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, केवल संख्या में अंतर सामने आने से अपने आप किसी अनियमितता या जानबूझकर गड़बड़ी की पुष्टि नहीं होती। इस अंतर की वजह क्या थी, रिकॉर्ड का मिलान कैसे किया गया और निर्वाचन अधिकारियों ने इस पर क्या कार्रवाई की—इन सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण अहम होगा।
इसी निर्वाचन क्षेत्र में मतपत्रों की छंटाई और बंडल बनाने की प्रक्रिया के बाद प्रथम वरीयता के मतों की गिनती शुरू होने की जानकारी भी दी गई। एमएलसी चुनाव में मतगणना की प्रक्रिया सामान्य सीधे वोटों की गिनती से अलग हो सकती है, इसलिए परिणाम आने में समय लग सकता है।
झांसी में सपा प्रत्याशी ने लगाए आरोप
इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने मतगणना स्थल पर कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के अधिकृत एजेंटों की निर्धारित संख्या से इतर कुछ लोग दूसरे प्रत्याशियों के एजेंट बनकर अंदर पहुंचे।
ये आरोप प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें प्रमाणित तथ्य मानने से पहले निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच से जुड़ी जानकारी जरूरी होगी। चुनावी प्रक्रिया में किसी भी शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण और नियमों के अनुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।
सात शहरों में सुरक्षा के बीच मतगणना
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतपत्रों को खोलने, छांटने, बंडल बनाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतों की गणना करने में समय लग रहा है।
वाराणसी में भी हर राउंड की जानकारी मिलने में देरी के कारण प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच बेचैनी की खबर सामने आई। वहीं, गोरखपुर में मतपत्रों की शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रथम वरीयता के मतों की गिनती शुरू होने की जानकारी दी गई।
11 सीटों पर भाजपा-सपा के बीच अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मुकाबले में भाजपा, समाजवादी पार्टी, निर्दलीय और अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव के नतीजे विधान परिषद में दलों की स्थिति और शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक समर्थन का संकेत दे सकते हैं।
इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब मतगणना के दौरान सामने आ रहे रुझानों और शिकायतों के बीच सभी की निगाहें आधिकारिक परिणामों पर टिकी हैं।

