Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    करवा चौथ पर पति के सामने आ गया जहरीला सांप, फिर पत्नी ने जो किया उसे देखकर अस्पताल में मच गया हड़कंप!

    October 30, 2026

    दिल्ली में 1 नवंबर को सड़कों पर उतरेगी सियासी ताकत! BJP के मार्च में 5 हजार से ज्यादा लोग, INDIA ब्लॉक की रैली से बढ़ेगा टकराव?

    October 30, 2026

    नक्सलवाद के खात्मे का संदेश देगी गुजरात की भव्य एकता परेड, सरदार पटेल जयंती पर PM मोदी की मौजूदगी में दिखेगी भारत की नई तस्वीर!

    October 30, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर! आज रात ISRO लॉन्च करेगा NVS-03 सैटेलाइट, जानिए क्यों है यह मिशन बेहद खास
    देश

    भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर! आज रात ISRO लॉन्च करेगा NVS-03 सैटेलाइट, जानिए क्यों है यह मिशन बेहद खास

    Rajat KumarBy Rajat KumarOctober 30, 2026No Comments6 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    भारत: अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो 30 अक्टूबर 2026 की रात अपना नया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च करने की तैयारी में है। इस मिशन के लिए GSLV-F18 रॉकेट का इस्तेमाल किया जाएगा। रॉकेट रात 11 बजकर 51 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने वाला है।

    यह मिशन सामान्य सैटेलाइट लॉन्च से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC से है। यह सिस्टम भारत को लोकेशन, दिशा और सटीक समय की जानकारी देने में मदद करता है। आसान भाषा में समझें तो यह भारत का अपना GPS है, जिसके जरिए देश विदेशी नेविगेशन प्रणालियों पर निर्भरता कम करना चाहता है।

    NVS-03 के सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचने से NavIC नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सैटेलाइट का प्रक्षेपण और उसके बाद उसका सफलतापूर्वक परिचालन शुरू होना अलग-अलग चरण हैं।

    रात 11:51 बजे होगा GSLV-F18 का लॉन्च

    इसरो के मुताबिक, GSLV-F18 मिशन को श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से रवाना किया जाएगा। यह GSLV रॉकेट की 20वीं उड़ान होगी। करीब 50 मीटर ऊंचा और लगभग 420 टन वजन वाला यह तीन चरणों वाला रॉकेट NVS-03 सैटेलाइट को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट यानी GTO में पहुंचाएगा।

    NVS-03 का वजन लगभग 2,250 किलोग्राम है। निर्धारित कक्षा में पहुंचने के बाद सैटेलाइट अपने ऑनबोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम की मदद से अंतिम कक्षीय स्थिति तक पहुंचेगा। इसके बाद इसके नेविगेशन सिग्नल और अन्य प्रणालियों की जांच की जाएगी।

    इस मिशन पर इसलिए भी खास नजर है, क्योंकि भारत अपने नेविगेशन नेटवर्क को अधिक भरोसेमंद बनाने की कोशिश कर रहा है।

    क्या है NavIC और भारत को इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

    NavIC का पूरा नाम Navigation with Indian Constellation है। इसे पहले भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम यानी IRNSS के नाम से जाना जाता था। इसका उद्देश्य भारत और देश की सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे तक नेविगेशन सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    भारत को अपने स्वतंत्र नेविगेशन सिस्टम की जरूरत कारगिल युद्ध के दौरान महसूस हुई थी। उस समय विदेशी GPS सेवाओं पर निर्भरता की सीमाएं सामने आई थीं। इसके बाद भारत ने ऐसा सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया, जो देश की जरूरतों के मुताबिक स्वतंत्र रूप से काम कर सके।

    आज नेविगेशन तकनीक केवल मोबाइल में रास्ता बताने तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल विमान, जहाज, रेलवे, सैन्य गतिविधियों, आपदा प्रबंधन, परिवहन और कई महत्वपूर्ण संचार प्रणालियों में होता है।

    ऐसे में भारत के पास अपना मजबूत नेविगेशन नेटवर्क होना रणनीतिक रूप से बेहद जरूरी है।

    NVS-03 में क्या है सबसे खास? स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक

    NVS-03 की सबसे महत्वपूर्ण खूबियों में से एक इसमें लगी स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक है। नेविगेशन सैटेलाइट के लिए समय की सटीक गणना बेहद जरूरी होती है। यही क्लॉक सैटेलाइट के सिग्नल को सही समय के साथ भेजने में मदद करती है।

    जब कोई मोबाइल या नेविगेशन डिवाइस कई सैटेलाइट से सिग्नल प्राप्त करता है, तो वह सिग्नल के पहुंचने में लगे समय के आधार पर अपनी स्थिति का अनुमान लगाता है। समय की गणना में मामूली गलती भी लोकेशन की सटीकता को प्रभावित कर सकती है।

    NavIC की पुरानी पीढ़ी के कुछ सैटेलाइट में एटॉमिक क्लॉक से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। इससे नेविगेशन सेवाओं की क्षमता प्रभावित हुई। अब स्वदेशी तकनीक से विकसित एटॉमिक क्लॉक का इस्तेमाल भारत के लिए एक अहम तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।

    NVS-03 में स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक के साथ अन्य एटॉमिक क्लॉक भी मौजूद होंगी। इससे सिस्टम की विश्वसनीयता और निरंतरता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    L1 सिग्नल से मोबाइल और दूसरे डिवाइस को क्या फायदा?

    NVS-03 में एक और बड़ा बदलाव L1 सिग्नल का शामिल होना है। इस सैटेलाइट में पहले से इस्तेमाल होने वाले L5 और S-बैंड सिग्नल के अलावा L1 सिग्नल भी होगा।

    L1 बैंड दुनिया की कई प्रमुख नेविगेशन प्रणालियों में इस्तेमाल होता है। इसके शामिल होने से NavIC की आधुनिक कमर्शियल रिसीवर और कई तरह के नेविगेशन उपकरणों के साथ अनुकूलता बढ़ सकती है।

    इसका फायदा भविष्य में स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, वाहन नेविगेशन सिस्टम और अन्य लोकेशन आधारित सेवाओं को मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि संबंधित डिवाइस और चिपसेट NavIC के इन सिग्नलों को सपोर्ट करते हैं या नहीं।

    पहले के सैटेलाइट में आई थीं तकनीकी परेशानियां

    भारत का NavIC सिस्टम पिछले कुछ वर्षों में कई तकनीकी चुनौतियों से गुजरा है। इसके कुछ पुराने सैटेलाइट में एटॉमिक क्लॉक और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी नेविगेशन क्षमता प्रभावित हुई थी।

    जनवरी 2025 में NVS-02 मिशन के बाद सैटेलाइट को निर्धारित अंतिम कक्षा तक पहुंचाने में परेशानी सामने आई थी। इस अनुभव के बाद मिशन की तकनीकी समीक्षा और सुधारात्मक कदमों पर जोर दिया गया।

    NVS-03 को इसी व्यापक प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इसका मकसद मौजूदा नेविगेशन नेटवर्क को मजबूत करना और भविष्य में सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना है।

    सेना से लेकर रेलवे तक मिल सकता है फायदा

    NavIC की मजबूती का असर कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। रक्षा क्षेत्र में सटीक लोकेशन और समय की जानकारी सैन्य अभियानों, निगरानी और अन्य रणनीतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।

    रेलवे में ट्रेन ट्रैकिंग और संचालन को बेहतर बनाने में भी नेविगेशन तकनीक उपयोगी हो सकती है। इसके अलावा समुद्री जहाजों, मछुआरों, विमानों और आपदा राहत दलों को भी सटीक लोकेशन सेवाओं से मदद मिल सकती है।

    NavIC में नागरिकों के लिए Standard Positioning Service और अधिकृत रणनीतिक उपयोगकर्ताओं के लिए Restricted Service जैसी सुविधाएं निर्धारित हैं। इस तरह यह सिस्टम आम नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों के लिए उपयोगी है।

    GSLV रॉकेट के लिए भी अहम है यह मिशन

    GSLV-F18 की उड़ान इसरो के लिए तकनीकी लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। GSLV रॉकेट में ठोस, तरल और क्रायोजेनिक प्रणोदन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसका क्रायोजेनिक चरण भारी सैटेलाइट को ऊंची कक्षाओं में पहुंचाने में मदद करता है।

    शुरुआती वर्षों में GSLV कार्यक्रम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन स्वदेशी क्रायोजेनिक तकनीक के विकास के साथ इस रॉकेट की क्षमता में सुधार हुआ।

    इस मिशन की सफलता से न केवल NavIC नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत की भारी सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता का भी प्रदर्शन होगा।

    NVS-04 और NVS-05 से आगे बढ़ेगा भारत का नेविगेशन नेटवर्क

    NVS-03 अकेला ऐसा सैटेलाइट नहीं है, जिस पर भारत का नेविगेशन भविष्य निर्भर करता है। NavIC को मजबूत बनाने के लिए आगे NVS-04 और NVS-05 जैसे सैटेलाइट भी योजना का हिस्सा हैं।

    किसी भी नेविगेशन सिस्टम को लगातार काम करने के लिए पर्याप्त संख्या में सक्रिय सैटेलाइट और बैकअप क्षमता की जरूरत होती है। यदि कोई सैटेलाइट खराब हो जाए या उसकी कार्यक्षमता कम हो जाए, तो दूसरे सैटेलाइट सेवाओं को जारी रखने में मदद कर सकते हैं।

    इसीलिए भारत का लक्ष्य केवल एक सैटेलाइट लॉन्च करना नहीं, बल्कि एक ऐसा मजबूत और भरोसेमंद नेटवर्क तैयार करना है, जो लंबे समय तक देश की जरूरतों को पूरा कर सके।

    GSLV-F18 Indian GPS Indian Space Mission ISRO NavIC NVS-03 Satellite Launch Science News Space Technology Sriharikota
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Rajat Kumar
    Rajat Kumar

    Related Posts

    करवा चौथ पर पति के सामने आ गया जहरीला सांप, फिर पत्नी ने जो किया उसे देखकर अस्पताल में मच गया हड़कंप!

    October 30, 2026

    दिल्ली में 1 नवंबर को सड़कों पर उतरेगी सियासी ताकत! BJP के मार्च में 5 हजार से ज्यादा लोग, INDIA ब्लॉक की रैली से बढ़ेगा टकराव?

    October 30, 2026

    नक्सलवाद के खात्मे का संदेश देगी गुजरात की भव्य एकता परेड, सरदार पटेल जयंती पर PM मोदी की मौजूदगी में दिखेगी भारत की नई तस्वीर!

    October 30, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम 2026: गांवों में किसने जीता सरपंच का चुनाव? 16 जिलों में मतगणना के बाद सामने आने लगे नतीजे

    October 25, 20266,412 Views

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    करवा चौथ पर पति के सामने आ गया जहरीला सांप, फिर पत्नी ने जो किया उसे देखकर अस्पताल में मच गया हड़कंप!

    By Rajat KumarOctober 30, 2026

    मध्य प्रदेश: के भिंड जिले से करवा चौथ के दिन एक ऐसी घटना सामने आई,…

    Also Read

    करवा चौथ पर पति के सामने आ गया जहरीला सांप, फिर पत्नी ने जो किया उसे देखकर अस्पताल में मच गया हड़कंप!

    October 30, 2026

    दिल्ली में 1 नवंबर को सड़कों पर उतरेगी सियासी ताकत! BJP के मार्च में 5 हजार से ज्यादा लोग, INDIA ब्लॉक की रैली से बढ़ेगा टकराव?

    October 30, 2026

    नक्सलवाद के खात्मे का संदेश देगी गुजरात की भव्य एकता परेड, सरदार पटेल जयंती पर PM मोदी की मौजूदगी में दिखेगी भारत की नई तस्वीर!

    October 30, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.