नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए गैस की कीमतों से जुड़ी नई खबर लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक इसकी कीमतों में बदलाव किया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
त्योहारी सीजन के बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का खर्च बढ़ सकता है। सवाल यह है कि इस बार अलग-अलग शहरों में कितने रुपये की बढ़ोतरी हुई है और क्या इसका असर आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई देगा?
1 नवंबर से लागू हुए कमर्शियल गैस के नए रेट
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत नवंबर की शुरुआत में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार प्रमुख शहरों में लगभग 10 रुपये से 12 रुपये तक की वृद्धि हुई है।
दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,810 रुपये से बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। यानी यहां कारोबारियों को अब एक सिलेंडर के लिए 10 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
कोलकाता में इसकी कीमत 2,959 रुपये से बढ़कर 2,971 रुपये पहुंच गई है। मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर अब 2,775 रुपये का हो गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत बढ़कर 2,994.50 रुपये हो गई है। अहमदाबाद में भी दाम बढ़ाकर 2,842 रुपये कर दिए गए हैं।
प्रमुख शहरों में 19 किलो सिलेंडर की नई कीमत
1 नवंबर 2026 से लागू कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के प्रमुख शहरों के नए रेट इस प्रकार हैं:
| शहर | नया कमर्शियल सिलेंडर रेट |
|---|---|
| दिल्ली | ₹2,820 |
| कोलकाता | ₹2,971 |
| मुंबई | ₹2,775 |
| चेन्नई | ₹2,994.50 |
| अहमदाबाद | ₹2,842 |
इन कीमतों से स्पष्ट है कि चेन्नई में प्रमुख शहरों के बीच कमर्शियल सिलेंडर सबसे महंगा है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों, परिवहन और वितरण से जुड़े खर्चों के कारण कीमतों में अंतर रहता है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े, परिवारों को राहत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले परिवारों को फिलहाल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1 नवंबर को कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत |
|---|---|
| दिल्ली | ₹942 |
| मुंबई | ₹941.50 |
| कोलकाता | ₹968 |
| चेन्नई | ₹957.50 |
| अहमदाबाद | ₹949 |
इसका मतलब है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य घरेलू सिलेंडर के उपभोक्ताओं को इस बार नई कीमतों के कारण अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में लागू दरों और किसी भी स्थानीय बदलाव की जानकारी उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी या वितरक से प्राप्त कर सकते हैं।

लगातार दूसरे महीने बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में पिछले कुछ महीनों से उतार-चढ़ाव जारी है। अक्टूबर 2026 में भी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। उस समय दिल्ली में सिलेंडर 62.50 रुपये महंगा होकर 2,810 रुपये पहुंच गया था।
सितंबर में भी कुछ शहरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। हालांकि, अगस्त में कारोबारियों को राहत मिली थी, जब कीमतों में बड़ी कटौती की गई थी।
अब नवंबर में एक बार फिर कीमतें बढ़ने से उन कारोबारियों की चिंता बढ़ सकती है, जो रोजाना बड़ी संख्या में कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। खासकर त्योहारों के दौरान मिठाई की दुकानों, होटल और कैटरिंग कारोबार में गैस की खपत अधिक होती है।
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबार पर क्या होगा असर?
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें, कैटरिंग सेवाएं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान करते हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर इनके संचालन खर्च पर पड़ सकता है।
एक सिलेंडर पर 10 से 12 रुपये की बढ़ोतरी छोटी दिखाई दे सकती है, लेकिन रोजाना कई सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले बड़े कारोबारियों के लिए यह खर्च महीने के अंत तक बढ़ सकता है। त्योहारों के दौरान जब ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ती है, तब गैस की लागत भी कारोबार के मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
अब सवाल यह है कि क्या कारोबारी इस अतिरिक्त खर्च को खुद वहन करेंगे या खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बदलाव करेंगे? इसका जवाब हर कारोबार की लागत, प्रतिस्पर्धा और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि सिलेंडर महंगा होने से सभी खाद्य पदार्थों के दाम तुरंत बढ़ जाएंगे।
आखिर क्यों हर महीने बदलती हैं LPG की कीमतें?
एलपीजी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों, आयात लागत, विनिमय दर और अन्य परिचालन खर्चों का प्रभाव पड़ता है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव घरेलू कीमत निर्धारण की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकते हैं।
कमर्शियल एलपीजी की कीमतें बाजार से जुड़े मानकों के आधार पर नियमित रूप से संशोधित की जाती हैं। वहीं घरेलू एलपीजी की कीमतों पर सरकार की नीतियों और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली राहत का भी प्रभाव रहता है।
कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत में कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हुआ है, लेकिन घरेलू रसोई गैस के दाम स्थिर रखे गए हैं। कारोबारियों के लिए यह लगातार बढ़ती लागत का एक और संकेत है, जबकि आम परिवारों को फिलहाल राहत मिली हुई है।

