मुंबई: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनके निशाने पर मीडिया का वह हिस्सा है, जिस पर उन्होंने अपने धार्मिक संदेश को गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप लगाया है। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ी एक पंक्ति को विरोधियों के लिए चुनौती बताकर पेश किए जाने से बिग बी नाराज हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपने 5 करोड़ फॉलोअर्स का जिक्र किया और कहा कि जिस दिन वह इशारा करेंगे, उनमें से 10 प्रतिशत लोग भी जवाब देने के लिए काफी होंगे।
अमिताभ बच्चन की इस टिप्पणी ने मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। अभिनेता ने इसे केवल गलत रिपोर्टिंग का मामला नहीं बताया, बल्कि धार्मिक आस्था का अपमान भी करार दिया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी से गलती होती है तो उसे स्वीकार कर माफी मांगनी चाहिए, लेकिन कुछ लोग अपनी गलती मानने को तैयार क्यों नहीं होते?
आखिर किस पोस्ट पर भड़के अमिताभ बच्चन?
विवाद की शुरुआत अमिताभ बच्चन की उस सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।’ यह पंक्ति भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति और भक्ति से जुड़ा पारंपरिक जयकारा है।
अभिनेता के मुताबिक, उनके इस धार्मिक संदेश को कुछ जगहों पर इस तरह पेश किया गया, जैसे वह अपने विरोधियों को चुनौती दे रहे हों। रिपोर्टिंग में उनकी बात का अर्थ यह निकाला गया कि वह विरोधियों से हाथी-घोड़े लाने और उनसे मुकाबला करने की बात कर रहे हैं।
बिग बी ने इसी व्याख्या पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि भगवान श्रीकृष्ण के लिए कही गई भक्ति की पंक्ति को राजनीतिक या व्यक्तिगत टकराव से जोड़ना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक धार्मिक जयकारे को विरोधियों को दी गई धमकी या चुनौती के रूप में कैसे पेश किया जा सकता है?

5 करोड़ फॉलोअर्स का जिक्र कर क्या बोले बिग बी?
अमिताभ बच्चन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स की संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके करीब 50 मिलियन यानी 5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। अभिनेता के मुताबिक, जिस दिन वह इशारा करेंगे, उनमें से केवल 10 प्रतिशत लोग भी जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं।
उनकी इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर काफी चर्चा मिल रही है। हालांकि, अभिनेता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके कहने का आशय किस तरह की प्रतिक्रिया से है। उनके पोस्ट का संदर्भ मीडिया में प्रकाशित खबरों के खिलाफ अपने समर्थकों की प्रतिक्रिया की ओर इशारा करता है।
उन्होंने आगे कहा कि उनके शब्दों को जितना ज्यादा तोड़-मरोड़कर पेश किया जाएगा, उनके समर्थकों की प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी उतनी ही बढ़ेगी। इस बयान के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या किसी चर्चित हस्ती के करोड़ों फॉलोअर्स का इस तरह जिक्र करना मीडिया को जवाब देने का तरीका है या इससे ऑनलाइन टकराव बढ़ने का खतरा भी है।
मीडिया को बताया ‘पांचवां स्तंभ’
अमिताभ बच्चन ने अपनी पोस्ट में मीडिया की भूमिका और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया के कुछ हिस्सों को देश का ‘पांचवां स्तंभ’ बताते हुए तंज कसा। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मीडिया को सम्मान और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए, लेकिन जब किसी की बात का अर्थ बदलकर पेश किया जाता है तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी से गलती हो जाती है तो उसे तुरंत स्वीकार करना चाहिए और माफी मांगकर सुधार की कोशिश करनी चाहिए। अभिनेता के अनुसार, गलतियां सभी से हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सुधारने की इच्छा भी होनी चाहिए।
बिग बी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार से ऐसा लगता है जैसे गलती करना और फिर उसे स्वीकार न करना उनका अधिकार बन गया हो। उन्होंने इस बात पर भी निराशा जताई कि कथित गलत रिपोर्टिंग के बाद जिम्मेदारी लेने के बजाय विवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है।
‘मैं खुद को पीड़ित नहीं कहूंगा’, दर्द को लेकर कही भावुक बात
अपनी पोस्ट के आखिरी हिस्से में अमिताभ बच्चन ने भावुक अंदाज भी दिखाया। उन्होंने लिखा कि एक समय वह खुद को पीड़ित बताने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया।
उनका कहना था कि उनके दर्द पर अधिकार केवल उनका है और वह इसे ऐसे लोगों के सामने जाहिर नहीं करना चाहते, जिनसे वह पहले ही निराश हैं। इस टिप्पणी से साफ है कि अभिनेता को कथित गलत रिपोर्टिंग से व्यक्तिगत तौर पर भी ठेस पहुंची है।
अमिताभ बच्चन आमतौर पर अपने ब्लॉग और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं। वह कई बार अपनी दिनचर्या, पुराने अनुभवों, फिल्मों और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी बातें साझा करते हैं। उनके संदेश कभी-कभी संक्षिप्त या संकेतात्मक होते हैं, जिसके कारण उनके अर्थ को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं भी सामने आती रहती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी जारी रखा प्रशंसकों से मिलना
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमिताभ बच्चन के मुंबई स्थित आवास ‘जलसा’ की सुरक्षा भी चर्चा में रही है। उनके घर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। इसके बावजूद अभिनेता ने रविवार को अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा जारी रखी।
इस बार वह सामान्य तरीके से घर के बाहर आने के बजाय बुलेटप्रूफ कांच के पीछे से प्रशंसकों का अभिवादन करते दिखाई दिए। उनके साथ बेटे अभिषेक बच्चन भी मौजूद थे। सुरक्षा के इस बदले हुए इंतजाम ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा।
ऐसे माहौल में अमिताभ बच्चन की मीडिया को लेकर की गई तीखी टिप्पणी ने उनके प्रशंसकों के बीच एक नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, सुरक्षा से जुड़ी घटना और मीडिया विवाद अलग-अलग घटनाक्रम हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, अब किसका आएगा जवाब?
अमिताभ बच्चन की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग अभिनेता के समर्थन में कह रहे हैं कि धार्मिक संदेश को गलत संदर्भ में पेश नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, कुछ लोग उनके 50 मिलियन फॉलोअर्स और 10 प्रतिशत लोगों के जवाब देने वाले बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमिताभ बच्चन ने अपनी आपत्ति एक धार्मिक जयकारे के कथित गलत अर्थ निकाले जाने पर जताई है। अब देखना होगा कि जिन खबरों और व्याख्याओं पर उन्होंने सवाल उठाए हैं, उनसे जुड़े पक्ष इस पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।
फिलहाल बिग बी का संदेश साफ है कि वह अपने शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किए जाने से नाराज हैं और चाहते हैं कि सार्वजनिक हस्तियों के बयानों को प्रकाशित करने से पहले उनका सही अर्थ समझा जाए।

