जयपुर/उदयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के परिणाम सामने आने के बाद जहां कई गांवों में जीत का जश्न मनाया गया, वहीं कुछ स्थानों पर चुनावी नतीजों को लेकर तनाव और विवाद भी देखने को मिले। उदयपुर जिले की खेरवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली नवाघरा ग्राम पंचायत में सरपंच पद का परिणाम घोषित होने के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। यहां पुष्पा देवी को विजेता घोषित किए जाने के बाद मतगणना केंद्र पर पथराव, आगजनी और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। देर रात हुए इस घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुष्पा देवी की जीत के बाद अचानक बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार, नवाघरा ग्राम पंचायत में गुरुवार रात मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुष्पा देवी को सरपंच पद पर विजेता घोषित किया गया। परिणाम सामने आने के बाद उन्हें मतगणना केंद्र से उनके घर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
घटना गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। मतगणना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवाघरा में चल रही थी। परिणाम घोषित होने के बाद मतगणना केंद्र के आसपास मौजूद भीड़ में नाराजगी फैल गई। इसके बाद वहां पथराव शुरू हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पास के बूथ परिसर को भी निशाना बनाया गया।
बूथ परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी
हंगामे के दौरान उपद्रवियों ने बूथ परिसर में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया। परिसर में रखी टेबल, कुर्सियां और अन्य सामान भी तोड़ दिए गए। इसके बाद वहां रखे कुछ सामान में आग लगा दी गई। आग और तोड़फोड़ की घटना से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान मतगणना केंद्र और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल रहा। घटना की सूचना मिलते ही बावलवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस और दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की गई। वहीं, बूथ परिसर में आग लगने की सूचना पर दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ था। चुनावी परिणाम के बाद हुई इस हिंसा ने स्थानीय प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदार लोगों को लेकर जांच तथा आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए।
भरतपुर में भी मतगणना को लेकर विवाद
राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति क्षेत्र में भी मतगणना के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। दर्र बरहना ग्राम पंचायत में दो राउंड की गिनती के बाद विमला कुमारी को शुरुआत में महज एक वोट से विजेता घोषित किया गया। इसके बाद विपक्षी उम्मीदवार के समर्थकों ने आरोप लगाया कि तीन वोटों की गिनती नहीं की गई है।
इस आरोप के बाद मतगणना स्थल पर हंगामा शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और आगे की प्रक्रिया को एसडीएम कार्यालय में कराने का निर्णय लिया। इस घटना ने चुनावी मतगणना की पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए।
दौसा और टोंक में भी सामने आए विवाद
दौसा जिले के बरोली क्षेत्र में मतपेटी की सील टूटी होने का आरोप लगने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने विरोध जताया। वहां नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी। वहीं, टोंक जिले के राजमहल क्षेत्र में मतगणना के दौरान चुनाव अधिकारी मोहम्मद लुकमान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
इन घटनाओं से साफ हुआ कि पंचायत चुनाव के नतीजों के दौरान कुछ स्थानों पर मतगणना और परिणाम को लेकर असंतोष सामने आया। प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी विवाद को समय रहते शांत करना अहम चुनौती है।
कई राजनीतिक परिवारों को मिली हार, कुछ ने दर्ज की जीत
तीसरे चरण के चुनाव परिणामों में कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा। सलूंबर से भाजपा विधायक शांता मीणा के बेटे कपिल मीणा सेमरी ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव हार गए। वहीं, खेरवाड़ा से कांग्रेस विधायक दयाराम परमार की भाभी कमला परमार को भी महुवाल ग्राम पंचायत में हार मिली।
दूसरी ओर, कुछ राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। टोंक जिले के देवली से महेंद्र भारद्वाज की पत्नी शोभा भारद्वाज ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 124 वोटों से हराया। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की चाची तम्मा कंवर भी आक्या गांव से सरपंच चुनी गईं। सांचौर विधायक जीवराम चौधरी के निजी सहायक डॉ. नरसीराम चौधरी की मां वेजी देवी ने भी डाबल गांव में जीत हासिल की।
अब उपसरपंच चुनाव पर नजर
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के तहत 3,716 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। गुरुवार को मतदान के बाद देर रात तक परिणाम घोषित किए गए। शुक्रवार को उपसरपंच पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया जारी रही। वहीं पंचायत समिति सदस्यों के आधिकारिक परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाने हैं।
उदयपुर की नवाघरा ग्राम पंचायत में चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा ने एक बार फिर दिखाया कि स्थानीय चुनावों में हार-जीत का तनाव किस तरह कानून-व्यवस्था की चुनौती बन सकता है। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयासों पर टिकी है।

