नई दिल्ली/तेहरान/यरुशलम: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक भारतीय तेल टैंकर को वापस लौटा दिया गया। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, इजरायल ने भी स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सेना (IDF) ईरान से जुड़ी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन घटनाक्रमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका की कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी सैन्य कमान सेंटकॉम (CENTCOM) के अनुसार, हालिया अभियान में ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।
हालांकि, अमेरिका और ईरान की ओर से जारी बयानों में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योंकि इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
भारतीय तेल टैंकर लौटाए जाने का दावा
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि ओमान के समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक भारतीय तेल टैंकर को वापस लौटा दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) जहाजों को रेडियो संदेश भेजकर ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दे रहा है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भारत सरकार या संबंधित शिपिंग कंपनियों की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
IDF ने कहा- हर स्थिति के लिए तैयार
इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इजरायल खाड़ी क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अधिकारी के मुताबिक, इजरायली रक्षा बल (IDF) किसी भी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सेना रक्षा और जवाबी कार्रवाई दोनों के लिए सक्षम है।
फिलहाल क्षेत्रीय हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा कि फारस की खाड़ी में लगभग 6,000 नाविक विभिन्न जहाजों पर मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि लगातार बढ़ते तनाव का असर समुद्री परिवहन और नाविकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
यदि यहां तनाव और बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में दुनिया भर के कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अभी स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बयानबाजी जारी है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और देश क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की वकालत कर रहे हैं।
भारतीय नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई, इजरायल की सतर्कता और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े दावों ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि भारतीय तेल टैंकर को लौटाए जाने के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं इस संकट की दिशा तय करेंगी।

