‘स्मार्ट बॉर्डर’ से घुसपैठियों पर होगा बड़ा वार! अमित शाह का ऐलान- देश में अब Zero Tolerance नीति

Smart Border Project: घुसपैठ पर सरकार का बड़ा एक्शन, अमित शाह ने किया हाईटेक बॉर्डर सुरक्षा का ऐलान

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने देश की सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने सीमा पार घुसपैठ के खिलाफ “Zero Tolerance Policy” यानी शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा करते हुए कहा कि भारत सरकार अब किसी भी अवैध घुसपैठिए को बर्दाश्त नहीं करेगी।

नई दिल्ली के Vigyan Bhavan में आयोजित सीमा सुरक्षा बल (BSF) पदग्रहण समारोह 2026 को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ‘स्मार्ट बॉर्डर परियोजना’ लॉन्च करने का ऐलान किया। इस परियोजना के तहत देश की 6,000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को हाईटेक सुरक्षा तकनीकों से लैस किया जाएगा।

6,000 किलोमीटर सीमा पर बनेगा सुरक्षा कवच

गृह मंत्री ने कहा कि अगले एक साल के भीतर भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। इस ग्रिड में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा ताकि घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके।

परियोजना के तहत शामिल होंगी ये तकनीकें:

  • ड्रोन रडार सिस्टम
  • एडवांस्ड स्मार्ट कैमरे
  • हाईटेक निगरानी सेंसर
  • रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम
  • इंटेलिजेंस नेटवर्क इंटीग्रेशन

सरकार का लक्ष्य सीमाओं को पूरी तरह “सील” करना है ताकि किसी भी तरह की अवैध एंट्री को रोका जा सके।

घुसपैठ को बताया जनसांख्यिकीय साजिश

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि अवैध प्रवासन केवल सीमा सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की जनसांख्यिकी को बदलने की सुनियोजित साजिश है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
“सरकार हर घुसपैठिए की पहचान करेगी और उसे देश से बाहर भेजा जाएगा।”

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केवल समस्या को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जड़ से खत्म करना ही असली समाधान है।

BSF को मिलेगी आधुनिक तकनीक

Border Security Force यानी BSF को इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक उपकरण दिए जाएंगे। अमित शाह ने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों को नई तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि वे अधिक प्रभावी तरीके से निगरानी कर सकें।

उन्होंने BSF अधिकारियों से राज्य पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय खुफिया नेटवर्क के साथ सीधा तालमेल बढ़ाने की अपील की।

खास तौर पर इन राज्यों पर रहेगा फोकस:

  • West Bengal
  • Assam
  • Tripura

इन राज्यों में सीमा पार घुसपैठ और पशु तस्करी को रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्रियों के साथ होगी बड़ी बैठक

गृह मंत्रालय जल्द ही पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेगा। इस बैठक में स्मार्ट बॉर्डर परियोजना और सीमा सुरक्षा को लेकर समन्वय पर चर्चा होगी।

सरकार चाहती है कि केंद्र और राज्य एजेंसियां मिलकर सीमा सुरक्षा को और मजबूत करें।

दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बना BSF

अमित शाह ने BSF के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि 1965 में मात्र 25 बटालियनों के साथ शुरू हुआ यह बल आज 2.7 लाख कर्मियों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन चुका है।

समारोह के दौरान गृह मंत्री ने उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को सम्मानित भी किया।

जल्द शुरू होगा हाई-पावर डेमोग्राफी मिशन

गृह मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सीमा क्षेत्रों में जवानों की मदद के लिए एक हाई-पावर डेमोग्राफी मिशन भी शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में जनसंख्या गतिविधियों की निगरानी और अवैध गतिविधियों की पहचान करना होगा।

देश की सुरक्षा में बड़ा बदलाव मानी जा रही परियोजना

विशेषज्ञों के मुताबिक ‘स्मार्ट बॉर्डर परियोजना’ भारत की सीमा सुरक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव ला सकती है। आधुनिक निगरानी तकनीकों से घुसपैठियों की पहचान और ट्रैकिंग पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

ड्रोन और AI आधारित निगरानी सिस्टम से सीमा पर मानवीय निर्भरता भी कम होगी और सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।

अमित शाह द्वारा घोषित ‘स्मार्ट बॉर्डर परियोजना’ देश की सीमा सुरक्षा को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। ड्रोन रडार, स्मार्ट कैमरे और हाईटेक निगरानी सिस्टम के जरिए सरकार अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी में है। आने वाले समय में यह परियोजना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना सकती है।

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