नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और युवाओं की बेरोजगारी को लेकर उभर रही नाराजगी अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” के बैनर तले एकजुट हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जो अमेरिका से सीधे दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने मंच से कहा कि पिछले कई वर्षों से युवाओं को असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
अभिजीत दीपके ने कहा, “10-12 साल से हमें हिंदू-मुसलमान की राजनीति में उलझाया गया है। लेकिन क्या इससे किसी युवा को नौकरी मिली? क्या इससे किसी छात्र का भविष्य सुरक्षित हुआ? आज देश के युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहिए।”
‘हम कीड़े-मकोड़े नहीं, लड़ने वाले युवा हैं’
प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट किए गए। पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “सरकार हमें कीड़े-मकोड़े समझ सकती है, लेकिन हम जिंदा हैं, जागरूक हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।”
यही संदेश प्रदर्शन का सबसे बड़ा नारा बन गया। हजारों प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते नजर आए।
जंतर-मंतर पर जुटी भारी भीड़
दोपहर तक प्रदर्शन स्थल पर करीब 2000 से अधिक लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया। इनमें बड़ी संख्या छात्रों और युवाओं की थी। कई अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ इस आंदोलन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “नीट एंड क्लीन एग्जाम चाहिए” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

सोशल मीडिया पर बढ़ता समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि केवल 24 घंटों के भीतर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लाख से अधिक नए फॉलोअर्स जुड़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा घोटालों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं की बढ़ती निराशा और रोजगार संबंधी चिंताओं का भी प्रतीक बनता जा रहा है।
सोनम वांगचुक भी पहुंचे समर्थन में
प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे। उनकी मौजूदगी ने आंदोलन को और अधिक चर्चा में ला दिया।
हालांकि उन्होंने मंच से कोई राजनीतिक बयान नहीं दिया, लेकिन युवाओं के बीच उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
अभिजीत का भावुक बयान
मंच से संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि जब उनकी फ्लाइट दिल्ली में उतर रही थी, तब उन्हें लगा कि शायद वे अपनी आजादी के आखिरी पल जी रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यदि युवाओं के अधिकारों के लिए मुझे अपनी आजादी भी कुर्बान करनी पड़े, तो मैं इसके लिए तैयार हूं।”
क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP?
फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी खुद को एक जन आंदोलन बता रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इसके तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में यह एक राजनीतिक दल का रूप ले सकती है।
भारत के राजनीतिक इतिहास में कई ऐसी पार्टियां रही हैं जिनकी शुरुआत जन आंदोलनों से हुई और बाद में उन्होंने चुनावी राजनीति में भी प्रवेश किया।
फिलहाल CJP का मुख्य फोकस परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने पर है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में देशभर में बड़े युवा आंदोलन का रूप ले सकता है। अब सबकी नजर सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।