लखनऊ में सास-दामाद का हाईटेक टप्पेबाज गैंग गिरफ्तार: ऑटो में धक्का देकर उड़ाते थे महिलाओं के जेवर, 150 CCTV से खुला राज!

उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ में महिलाओं को निशाना बनाकर टप्पेबाजी करने वाले एक शातिर गिरोह का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। इस गैंग की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरोह की सरगना और मुख्य आरोपी बिंदु उर्फ चिंकी अपने ही दामाद नरसिंह के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देती थी। इनके साथ गीता देवी नाम की महिला भी सक्रिय रूप से शामिल थी। तीनों आरोपियों को कृष्णानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी खासतौर पर भीड़भाड़ वाले चौराहों, मेट्रो स्टेशन और ऑटो स्टैंड के आसपास सक्रिय रहते थे। महिलाओं और छोटे बच्चों का सहारा लेकर लोगों का ध्यान भटकाया जाता और फिर धक्का-मुक्की के बीच बड़ी सफाई से चैन, मंगलसूत्र और पर्स चोरी कर लिए जाते थे।

बिना नंबर प्लेट की बोलेरो से करते थे एंट्री

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वारदात करने के लिए बिना नंबर प्लेट वाली बोलेरो गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। इसी गाड़ी से शहर में प्रवेश किया जाता और वारदात के बाद तेजी से फरार हो जाते थे। आरोपी अलग-अलग शहरों में किराये के कमरों, होटलों या झुग्गियों में अस्थायी रूप से ठहरते थे ताकि पुलिस को शक न हो।

गिरोह की सरगना बिंदु उर्फ चिंकी पहले से कई जिलों में वांछित रही है। उसके खिलाफ कानपुर नगर, कुशीनगर और लखनऊ में चोरी और लूट के पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके दामाद नरसिंह पर तीन आपराधिक केस दर्ज बताए गए हैं। आरोपी गीता देवी का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नरसिंह बोलेरो गाड़ी चलाता था जबकि महिला सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करती थीं। जैसे ही कोई महिला ऑटो या टेंपो में बैठती, गिरोह की महिलाएं भी उसी वाहन में चढ़ जातीं और जानबूझकर धक्का-मुक्की शुरू कर देती थीं।

इसी अफरा-तफरी के दौरान दूसरे सदस्य बेहद सफाई से महिला के गले से चैन या मंगलसूत्र काट लेते थे। वारदात के तुरंत बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते और फिर बोलेरो में सवार होकर शहर छोड़ देते थे। कई बार पीड़ित महिलाओं को काफी देर बाद चोरी का एहसास होता था।

लगातार तीन घटनाओं के बाद पुलिस हुई अलर्ट

20 और 22 मई को कृष्णानगर थाना क्षेत्र में महिलाओं के जेवर चोरी की लगातार तीन घटनाएं सामने आई थीं। अवध चौराहे और आसपास के इलाके में महिलाओं से चैन और मंगलसूत्र चोरी होने की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मामला गंभीरता से लिया।

डीसीपी दक्षिणी के निर्देशन में चार विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सादे कपड़ों में जवानों को मेट्रो स्टेशन, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया। करीब 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके बाद गिरोह की गतिविधियों के अहम सुराग मिले।

शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डूडा कॉलोनी आशाराम बापू मार्ग से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से करीब 6 लाख रुपए कीमत की ज्वैलरी, 12 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बोलेरो गाड़ी बरामद हुई।

पहले भी कर चुके थे कई वारदात

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि करीब एक महीने पहले कृष्णानगर मेट्रो स्टेशन के पास भी उन्होंने एक महिला की चैन चोरी की थी। इसके अलावा 19 और 20 मई को अवध चौराहे पर दो महिलाओं को निशाना बनाकर चैन और मंगलसूत्र का लॉकेट उड़ाया था।

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और दूसरे जिलों में हुई घटनाओं की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह गैंग कई शहरों में सक्रिय रहा है और अब तक दर्जनों महिलाओं को निशाना बना चुका है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि सार्वजनिक वाहनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें। धक्का-मुक्की होने पर तुरंत अपने सामान और जेवर की जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

लखनऊ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की बदौलत महिलाओं को निशाना बनाने वाले इस शातिर सास-दामाद गैंग का पर्दाफाश हो सका। हालांकि यह मामला शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *